Meerut Blue Drum Case: मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी करार दिए गए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की सजा पर 14 अक्टूबर को फैसला होना है. अदालत के फैसले से पहले दोनों के व्यवहार में बदलाव देखने को मिल रहा है. मेरठ जेल प्रशासन के मुताबिक दोनों ने खाना कम कर दिया है और दूसरे बंदियों से बातचीत भी घटा दी है. मुस्कान अपनी बड़ी बेटी से मिलने के लिए बेचैन है, जबकि साहिल ने फिलहाल खेतीबाड़ी से जुड़ा काम बंद कर दिया है. जेल अधिकारी दोनों की सेहत और गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं.
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सजा के ऐलान से पहले दोनों के व्यवहार में बदलाव
मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को 30 सितंबर 2026 को अदालत ने दोषी करार दिया था. अब 14 अक्टूबर को दोनों की सजा पर फैसला होना है. इस तारीख के करीब आने के साथ जेल में दोनों के व्यवहार में बदलाव देखा जा रहा है. जेल प्रशासन के अनुसार दोनों पहले के मुकाबले कम बातचीत कर रहे हैं और अकेले रहने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने खाना भी कम कर दिया है. हालांकि, वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने दोनों की सेहत सामान्य बताई है. जेल के डॉक्टर नियमित रूप से उनकी जांच कर रहे हैं.
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मुस्कान को बार-बार आ रही बड़ी बेटी की याद
इस मामले में दोषी मुस्कान रस्तोगी अपनी बड़ी बेटी से मिलने की इच्छा लगातार जता रही है. जेल प्रशासन के मुताबिक जब भी बंदियों की परेड होती है या अधिकारी उनका हालचाल जानने पहुंचते हैं, मुस्कान बेटी से मुलाकात की बात उठाती है. वह बार-बार पूछती है कि बेटी से मिलने का रास्ता क्या हो सकता है. अधिकारियों के अनुसार मुस्कान की यह इच्छा उसके व्यवहार में साफ दिखाई दे रही है. दोषी ठहराए जाने के बाद से वह बेटी से मिलने को लेकर बेचैन है. हालांकि, फिलहाल उसकी मुलाकात कब हो पाएगी, इस बारे में कोई निश्चित जानकारी सामने नहीं आई है.
बेटी का पता और फोन नंबर नहीं होने से परेशानी
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के मुताबिक जेल प्रशासन के पास मुस्कान की बेटी का पता और संपर्क नंबर उपलब्ध नहीं है. इसी वजह से अधिकारी अपने स्तर पर बच्ची तक पहुंचकर मुलाकात की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं. मुस्कान ने जब बेटी से मिलने का दूसरा रास्ता पूछा, तो उसे जेल मैनुअल के तहत मिलने वाली सुविधा के बारे में बताया गया. जेल के नियमों के अनुसार बंदी अपने परिजनों को पत्र लिख सकता है. मुस्कान को भी इसी माध्यम से परिवार तक अपनी बात पहुंचाने की जानकारी दी गई है.
पत्र लिखकर मुलाकात कराने की गुजारिश
जेल प्रशासन ने मुस्कान को पत्र लिखने की सुविधा उपलब्ध करा दी है. अब वह अपने परिजनों को पत्र लिखकर बड़ी बेटी से मुलाकात कराने का आग्रह कर सकती है. अधिकारियों को उम्मीद है कि पत्र के जरिए उसका संदेश परिवार तक पहुंच सकता है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि परिवार तक पत्र कब पहुंचेगा और बेटी से मुलाकात की व्यवस्था कब हो पाएगी. जेल प्रशासन के अनुसार मुस्कान इस इच्छा को बार-बार जाहिर कर रही है. बेटी का पता और संपर्क नंबर नहीं होने के कारण फिलहाल अधिकारी सीधे मुलाकात की व्यवस्था करने में असमर्थ हैं.
साहिल शुक्ला ने फिलहाल खेतीबाड़ी का काम रोका
मुस्कान के साथ दोषी करार दिए गए साहिल शुक्ला के व्यवहार में भी बदलाव आया है. जेल प्रशासन के मुताबिक साहिल ने खेतीबाड़ी से जुड़ा अपना काम फिलहाल बंद कर दिया है. उसने अधिकारियों से कहा है कि सजा पर फैसला आने के बाद ही वह तय करेगा कि आगे क्या काम करना है. साहिल भी अब दूसरे बंदियों से कम बातचीत कर रहा है. जेल अधिकारियों के अनुसार उसकी सेहत फिलहाल सामान्य है और किसी विशेष परेशानी की जानकारी सामने नहीं आई है. डॉक्टर उसकी नियमित जांच कर रहे हैं. सजा के फैसले से पहले साहिल की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है.
मुस्कान ने पूजा-पाठ भी कुछ कम किया
जेल अधीक्षक ने बताया कि मुस्कान पहले अपनी दिनचर्या में पूजा-पाठ करती थी, लेकिन अब उसने इसे भी कुछ कम कर दिया है. इसके साथ ही वह कम बोल रही है और अकेले रहने की कोशिश कर रही है. साहिल के व्यवहार में भी इसी तरह का बदलाव देखने को मिला है. दोनों बंदियों ने खाना कम कर दिया है और बातचीत भी घटा दी है. हालांकि, जेल प्रशासन ने उनकी सेहत को सामान्य बताया है. डॉक्टर नियमित रूप से दोनों की जांच कर रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी परेशानी का समय रहते पता लगाया जा सके.
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डॉक्टरों की निगरानी में दोनों बंदी
मेरठ जेल प्रशासन दोनों दोषियों की सेहत और गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है. वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के मुताबिक दोनों की मेडिकल जांच न्यायालय के आदेश के अनुसार कराई गई है. जेल के डॉक्टर नियमित रूप से उनकी निगरानी कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि दोनों फैसले को लेकर चिंतित जरूर हैं, लेकिन उनकी दिनचर्या जेल के नियमों के अनुसार चल रही है. फिलहाल किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की जानकारी नहीं मिली है. सुरक्षा के लिहाज से भी सतर्कता बरती जा रही है.
14 अक्टूबर को पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी या अदालत में?
14 अक्टूबर को सजा पर फैसले के दौरान मुस्कान और साहिल की पेशी किस तरह होगी, इस बारे में जेल प्रशासन को अभी न्यायालय का आदेश नहीं मिला है. वरिष्ठ जेल अधीक्षक के अनुसार अगर अदालत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी का आदेश देती है, तो दोनों को इसी व्यवस्था के तहत पेश किया जाएगा. वहीं, अगर व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश करने का निर्देश मिलता है, तो उन्हें पुलिस की विशेष सुरक्षा में ले जाया जाएगा. इसके लिए एसएसपी से विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी. फिलहाल जेल प्रशासन न्यायालय के आदेश का इंतजार कर रहा है.
मार्च 2025 में हुई थी मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ की हत्या
गौरतलब है कि मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की मार्च 2025 में हत्या कर दी गई थी. इस मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को 30 सितंबर 2026 को अदालत ने दोषी करार दिया था. मामले में आरोप था कि हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े किए गए और उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपाया गया. घटना सामने आने के बाद यह मामला काफी चर्चा में रहा. अब अदालत में दोनों की सजा पर फैसला होना है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं.
सजा पर फैसले का इंतजार
14 अक्टूबर को अदालत यह तय करेगी कि मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को किस तरह की सजा सुनाई जाएगी. फैसले से पहले मुस्कान अपनी बड़ी बेटी से मिलने की इच्छा जता रही है, जबकि साहिल ने खेतीबाड़ी का काम रोक दिया है. जेल प्रशासन के मुताबिक दोनों ने खाना कम कर दिया है और दूसरे बंदियों से बातचीत भी घटाई है. हालांकि, उनकी सेहत सामान्य है और डॉक्टर नियमित निगरानी कर रहे हैं.
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