मेरठ में एक्सिस बैंक की करेंसी चेस्ट में मिले 4.63 लाख के नकली नोट, अफसरों में मची खलबली

उस्मान चौधरी

• 01:25 PM • 24 Sep 2026

मेरठ के एक्सिस बैंक करेंसी चेस्ट से 4.63 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं. 500, 200 और 100 रुपये के जाली नोट मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर 186 शाखाओं से जुड़े कैश रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है.

Fake Currency

Fake Currency News (Photo AI Generated)

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जरा सोचिए जहां शहर भर का कैश महफूज रखने के लिए करेंसी चेस्ट बनाई जाती है अगर उसी तिजोरी के अंदर लाखों रुपये के नकली नोट पहुंच जाएं तो बैंकिंग सिस्टम पर सवाल उठना लाजमी है. मेरठ के मंगल पांडेय नगर स्थित एक्सिस बैंक की करेंसी चेस्ट से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है. बैंक अधिकारियों की आंतरिक जांच और सत्यापन के दौरान तिजोरी से एक-दो हजार नहीं बल्कि पूरे 4.63 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं.

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जाली नोटों की यह बड़ी खेप सामने आते ही बैंक प्रबंधन में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज करा दी गई है. अब पुलिस इस बात का सुराग लगाने में जुटी है कि आखिर असली नोटों की आड़ में जाली नोटों का यह खेल किस-किस शाखा से होकर सीधे करेंसी चेस्ट के भीतर तक पहुंच गया.

निरीक्षण में खुला जाली नोटों का राज

मामला एक्सिस बैंक के मुख्य करेंसी चेस्ट का है. बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जब करेंसी चेस्ट का वार्षिक निरीक्षण किया गया तब 1 दिसंबर 2024 से 31 दिसंबर 2025 के बीच अलग-अलग शाखाओं व माध्यमों से जमा कराई गई नकदी की गहन जांच की गई. नोटों की गिनती और ऑटोमेटेड मशीन वेरिफिकेशन के दौरान बड़ी संख्या में जाली नोट पकड़े गए.

बरामद नकली नोट: लगभग 4,63,000 रुपये मूल्य के जाली नोट.

शामिल करेंसी: 500 रुपये, 200 रुपये और 100 रुपये के नकली नोट.

186 बैंक शाखाओं पर टिकी पुलिस की नजर

मंगल पांडेय नगर स्थित यह करेंसी चेस्ट कोई सामान्य लॉकर नहीं है बल्कि इससे एक्सिस बैंक की करीब 186 शाखाएं जुड़ी हुई हैं. इसका मतलब है कि इन 186 शाखाओं से रोजाना आने वाले कैश का मिलान और स्टोरेज इसी चेस्ट में होता है. पुलिस अब इन सभी संबंधित शाखाओं से आए कैश डिपॉजिट, ट्रांजैक्शन रजिस्टर और सीसीटीवी/मशीन रिकॉर्ड की स्क्रूटनी कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जाली नोट किसी बड़े व्यापारी, काउंटर जमा, या किस विशेष शाखा से चेस्ट तक भेजे गए.

पुलिस की कार्रवाई

घटना की भनक लगते ही करेंसी चेस्ट प्रबंधक की तहरीर पर मेरठ की सिविल लाइन थाना पुलिस ने तत्काल धोखाधड़ी और जाली नोटों से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. एसपी सिटी (मेरठ), विनायक गोपाल भोंसले ने कहा कि 'करेंसी चेस्ट प्रबंधक की शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस की टीम बैंक के लेनदेन संबंधी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहराई से जांच कर रही है. जाली नोटों का मुख्य स्रोत क्या है और यह करेंसी चेस्ट तक किन माध्यमों से पहुंचे, इसका पता लगाने के लिए फॉरेंसिक व बैंक एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है.'

जल्द हो सकता है खुलासा

मामले में अब बैंककर्मियों की भूमिका और शुरुआती स्तर पर नोट पकड़ने वाली काउंटिंग मशीनों की चूक पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. पुलिस बैंक के आंतरिक डिपॉजिट स्लिप, कैश वैन ट्रांसपोर्टेशन लॉग और चेस्ट एंट्री टाइमलाइन की जांच कर रही है ताकि उस कड़ी को पकड़ा जा सके जिसने इस जाली नेटवर्क को बैंक के सिस्टम में दाखिल कराया.

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