Sant Ramesh Baba Death News: मथुरा के 90 साल के प्रसिद्ध संत समेश बाबा का निधन हो गया है. वह बरसाना के मान मंदिर के संस्थापक और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित थे. अपनी बाल्यावसथा के दौरान 1953-1954 के बीच रमेश बाबा बरसाना में आए. उन्होंने अपना पूरा जीवन ब्रज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और गौ-सेवा के लिए सर्मिपत कर दिया था. रमेश बाबा के निधन पर पूरे मथुरा में शोक की लहर दौड़ गई है. संत रमेश बाबा का अंतिम संस्कार आज यानि 7 अक्टूबर को 10 बजे गवहर वन में किया जाएगा.
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कौन थे संत रमेश बाबा?
आपको बता दें कि संत रमेश बाबा का जन्म साल 1938 में प्रयागराज में हुआ था. उनके पिता विख्यात ज्योतिषाचार्य बलदेव प्रसाद शुक्ल और मां हेमेश्वरी देवी थीं. बरसाना आने के बाद रमेश बाबा ने करीब 70 साल तक गवहर वन में साधना की. उन्होंने राधा-रानी मंदिर का प्रचार किया और ब्रम्हांचल पर्वत पर मान मंदिकर आश्रम की स्थपना की थी.
इतना ही नहीं संत रमेश बाबा गौ-सेवा के लिए भी जाने गए. उन्होंने बरसाना में ऐशिया की सबसे बड़ी माताजी गौशाला की नींव रखी थी. इसके अलावा, उन्होंने ब्रज के पर्वतों, गहवरवन को बचाने और यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए ऐतिहासिक आंदोलन चलाए. उनके दर्शन और आशीर्वाद के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु बरसाना आते थे.
ब्रज संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और अतुलनीय गौ सेवा में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2019 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था. संत रमेश बाबा का अंतिम संस्कार 7 अक्टूबर को सुबह 10:00 बजे गहवर वन में किया जाएगा.
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