वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई दर्दनाक मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. एक तरफ जहां साधु-संतों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है. वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए चौकाने वाले खुलासों ने मामले को पूरी तरह उलझा दिया है. मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान और प्राइवेट पार्ट कटे होने की पुष्टि के बाद अब जबलपुर में रहने वाले पीड़ित परिवार ने इस मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग उठाई है.
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुले खौफनाक राज
रसिक दुलारी शरण की मौत की जांच के दौरान सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक है. रिपोर्ट में साफ हुआ है कि शव दो हिस्सों में था. पहला मुख्य शरीर और दूसरा शरीर से पूरी तरह अलग कटा हुआ प्राइवेट पार्ट. मृतक के सिर, होंठ और ठोड़ी पर कई चोटों के निशान पाए गए हैं. सिर में कई टांके लगे थे, पसलियों में फ्रैक्चर था और दोनों किडनियां पीली पाई गईं. डॉक्टरों के मुताबिक ज्यादा खून बहना ही मौत का मुख्य कारण बना. उनके दिल के दोनों चैंबर खाली पाए गए.
दीक्षा लेते ही खत्म कर दिया था संपर्क- पीड़ित परिवार के गंभीर आरोप
जबलपुर में रह रहे मृतक दीपक लोधी के भाई और परिजनों का कहना है कि जब से उसने प्रेमानंद जी महाराज से दीक्षा ली थी, उसके बाद से आश्रम वालों ने परिवार का संपर्क पूरी तरह कटवा दिया था. परिजनों ने बताया कि दीक्षा से पहले तक दीपक से बातचीत होती थी. लेकिन उसके बाद न तो फोन पर बात करने दी जाती थी और न ही मिलने की इजाजत थी.
आश्रम वालों पर गुमराह करने का आरोप
रसिक दुलारी के भाई का कहना है कि घटना के दिन आश्रम या संबंधित लोगों ने सही जानकारी नहीं दी. केवल इतना फोन आया कि 'दीपक ऊपर से गिर गया है और अस्पताल में ऑपरेशन चल रहा है.' बाद में पुलिस के जरिए मौत की सच्चाई पता चली.
पुलिस के शुरुआती खुदकुशी वाले दावे को खारिज करते हुए परिवार ने कहा कि दीपक एक समझदार व्यक्ति था. वह खुद ऐसा कदम कभी नहीं उठा सकता. यह सीधे तौर पर हत्या का मामला है.
घटना का सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की थ्योरी
घटना 25 सितंबर की सुबह की है. सुबह करीब 10:30 बजे के सीसीटीवी फुटेज में रसिक दुलारी खून से लथपथ कपड़ों में अपने कमरे के बाहर निकलते दिखे थे. इसके कुछ ही देर बाद चौथी मंजिल से गिरकर उनकी मौत की खबर सामने आई. एसपी सिटी राजीव कुमार के मुताबिक, प्राथमिक जांच में यह मामला सुसाइड की ओर इशारा कर रहा है. पुलिस ने अपार्टमेंट का डीवीआर, घटनास्थल से मिले खून के सैंपल और मृतक का मोबाइल फॉरेंसिक लैब जांच के लिए भेज दिया है.
सीबीआई जांच होगी या दबा दिया जाएगा मामला?
दीपक लोधी के भाई ने कैमरे के सामने हाथ जोड़कर साफ कहा 'हम चाहते हैं कि सीबीआई जांच हो. बारीकी से पता चले कि आखिर मेरे भाई के साथ क्या हुआ है और उसे इंसाफ मिले.'
अब इस मामले में कई यक्ष प्रश्न खड़े हो गए हैं:
अगर यह आत्महत्या है तो शरीर से प्राइवेट पार्ट अलग कैसे हुआ और मरने से पहले इतनी चोटें कैसे आईं?
दीक्षा के बाद परिवार से संपर्क पूरी तरह क्यों तोड़ दिया गया था?
क्या मथुरा पुलिस की जांच से इतर राज्य सरकार या अदालत इस मामले में सीबीआई जांच की मांग को स्वीकार करेगी?
फिलहाल मथुरा पुलिस हर पहलू से मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है. लेकिन परिवार के आरोपों ने धर्मनगरी से लेकर जबलपुर तक हलचल बढ़ा दी है.
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