Mathura News: अखिलेश-मुलायम की तस्वीरों के साथ मचा बवाल, मथुरा की गोवर्धन रोड पर लगा "दिल में बाबर मुंह में राम" वाला पोस्टर

Newzo

• 01:53 PM • 14 Jul 2026

Mathura Poster Controversy: गोवर्धन रोड पर लगे एक राजनीतिक पोस्टर ने मथुरा की सियासत में नई बहस छेड़ दी है. अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव की तस्वीरों के साथ लिखे विवादित संदेश को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. पोस्टर के पीछे कौन है, इस पर अब तक आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है.

अखिलेश-मुलायम की तस्वीरों के साथ मचा बवाल, मथुरा की गोवर्धन रोड पर लगा "दिल में बाबर मुंह में राम" वाला पोस्टर

अखिलेश-मुलायम की तस्वीरों के साथ मचा बवाल, मथुरा की गोवर्धन रोड पर लगा "दिल में बाबर मुंह में राम" वाला पोस्टर

Google CTA

Mathura Poster Controversy: गोवर्धन रोड पर रविवार को लगाए गए एक राजनीतिक होर्डिंग को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. होर्डिंग में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की तस्वीरों के साथ एक राजनीतिक नारा और उनके नाम से जुड़े पुराने बयान प्रदर्शित किए गए हैं. पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है.

यह भी पढ़ें...

यह होर्डिंग गोवर्धन रोड पर लगाया गया है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोवर्धन परिक्रमा और मंदिर दर्शन के लिए गुजरते हैं. पोस्टर लगने के बाद राहगीरों और स्थानीय लोगों के बीच इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बताया, जबकि कुछ ने इसे पुराने बयानों को दोबारा चर्चा में लाने की कोशिश माना.

इस मामले पर समाजवादी पार्टी के नेता प्रदीप चौधरी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह जनता का ध्यान अन्य मुद्दों से भटकाने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की राजनीति की निंदा करती है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धार्मिक और ऐतिहासिक मुद्दे चुनावी राजनीति में अक्सर चर्चा का विषय बनते रहे हैं. ऐसे में इस तरह के पोस्टर राजनीतिक संदेश देने और मतदाताओं को प्रभावित करने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं.

फिलहाल इस होर्डिंग को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस जारी है. विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थक अपने-अपने पक्ष रख रहे हैं. हालांकि, इस संबंध में पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति या संगठन की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है.