Mathura News: मौसम की दोहरी मार, दो दिन की बारिश के बाद धूप बनी आफत, फरह क्षेत्र में बाजरा-ज्वार पर कीटों का हमला, जानिए किसानों की क्या है मांग

Newzo

• 02:44 PM • 12 Jul 2026

Mathura Agriculture News Update: मथुरा के फरह क्षेत्र में दो दिन की बारिश के बाद बढ़ी उमस से बाजरा और ज्वार की फसलों पर कीटों का प्रकोप बढ़ गया है. किसान कीटनाशकों का छिड़काव कर फसल बचाने में जुटे हैं और कृषि विभाग से सर्वे, तकनीकी सलाह तथा राहत की मांग कर रहे हैं.

मौसम की दोहरी मार, दो दिन की बारिश के बाद धूप बनी आफत, फरह क्षेत्र में बाजरा-ज्वार पर कीटों का हमला, जानिए किसानों की क्या है मांग

मौसम की दोहरी मार, दो दिन की बारिश के बाद धूप बनी आफत, फरह क्षेत्र में बाजरा-ज्वार पर कीटों का हमला, जानिए किसानों की क्या है मांग

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Mathura News: फरह क्षेत्र में लगातार दो दिन हुई बारिश के बाद निकली तेज धूप और उमस ने बाजरा व ज्वार की फसलों पर कीटों का प्रकोप बढ़ा दिया है. फसलों को बचाने के लिए किसान उमस भरी गर्मी में भी कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने को मजबूर हैं. वहीं, अधिक वर्षा से पहले ही कई किसानों की फसलें खराब हो चुकी हैं, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है.

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विगत हफ्ते लगातार दो दिन हुई बारिश के बाद निकली तेज धूप और उमस भरे मौसम का असर अब फरह क्षेत्र की बाजरा और ज्वार की फसलों पर दिखाई देने लगा है. खेतों में कीटों के हमले से फसलें प्रभावित हो रही हैं. किसान फसल को बचाने के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं, लेकिन उमस भरी गर्मी के बीच खेतों में काम करना उनके लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है.

किसानों का कहना है कि लगातार हुई बारिश से पहले ही कई खेतों में फसल को नुकसान पहुंच चुका है. अब मौसम साफ होने के बाद बढ़ी नमी और उमस के कारण कीट तेजी से फैल रहे हैं. यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो फसल को भारी नुकसान हो सकता है. इसी आशंका के चलते किसान अतिरिक्त खर्च उठाकर दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं.

किसानों का कहना है कि इस बार मौसम की मार से खेती की लागत लगातार बढ़ रही है. पहले अधिक वर्षा और अब कीटों के प्रकोप ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं. किसानों ने कृषि विभाग से क्षेत्र में सर्वे कराकर उचित तकनीकी सलाह देने और प्रभावित किसानों को राहत दिलाने की मांग की है.

कृषि विशेषज्ञ भूपेंद्र सिंह ने बताया कि किसान खेतों का नियमित निरीक्षण करें और कीट दिखाई देने पर कृषि विभाग की सलाह के अनुसार ही अनुशंसित कीटनाशकों का प्रयोग करें. दवा का छिड़काव सुबह या शाम के समय करना अधिक सुरक्षित और प्रभावी माना जाता है.