Lucknow Crime News: लखनऊ के आशियाना की वारदात ने उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में सनसनी फैला दी है. यहां सेक्टर-एल के एक मकान में एक बेटे ने अपने पिता की निर्मम हत्या कर सबको सन्न कर दिया है. हत्या इतनी बेरहमी की गई कि पूरा इलाका दहशत में आ गया है. पुलिस के मुताबिक, मानवेंद्र सिंह अपने बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा और बेटी के साथ रहते थे. उनकी पत्नी का पहले निधन हो चुका था. 20 फरवरी से मानवेंद्र के लापता होने की जानकारी सामने आई थी. बेटे अक्षत ने 23 फरवरी को पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश कर रही थी.
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हत्या की क्या है असली वजह?
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब तलाशी ली तो भयानक मंजर सामने आया. घर के अलग-अलग हिस्सों से शव के टुकड़े बरामद हुए. पुलिस का कहना है कि शव को काटकर छिपाने की कोशिश की गई थी. कई टुकड़े एक ड्रम में भी मिले हैं, जिससे हत्या की निर्ममता का अंदाजा लगाया जा सकता है. जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के बेटे अक्षत को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. शुरुआती जांच में बेटे की भूमिका पर गंभीर संदेह जताया जा रहा है. हालांकि हत्या की असली वजह अभी साफ नहीं हो सकी है.
रामलीला में रावण का किरदार निभाता था अक्षत
पड़ोसियों ने बताया कि आरोपी अक्षत वर्षों से कॉलोनी में होने वाली रामलीला में रावण का किरदार निभाता था. किसी को उम्मीद नहीं थी कि रावण का किरदार निभाने वाला युवक अपने ही पिता की इतनी बेरहमी से हत्या करेगा. पड़ोसियों के मुताबिक, मानवेंद्र सिंह बेहद मिलनसार थे और कॉलोनी में उनकी अच्छी छवि थी. वे अपने बच्चों के लिए हमेशा तत्पर रहते थे. बताया गया कि अक्षत अक्सर पिता से ही पैसे मांगता था और उनकी लाइसेंसी बंदूक लेकर रौब भी जमाता था.
पड़ोसी आरपी सिंह ने उठाए संगीन सवाल
पड़ोसी आरपी सिंह ने बोला कि यह जांच का विषय है. कैसे आरोपी अक्षत ने अपने पिता को मार के नीचे ले आया. यह जांच का विषय है. पड़ोसी ने आगे बोला कि अक्षत ने अपनी बहन को होस्टाइल कर लिया था, अब इतने सदमे में है कि कुछ बोल ही नहीं पाई. अक्षत ने पूरी फिल्मी स्टोरी की तरह इस वारदात को अंजाम दिया है. बदबू छिपाने के लिए उसने पूरे घर में रूम फ्रेशनर डाल रखा था, ताकि बदबू घर से बाहर ना जा सके.
मोहल्ले नहीं रखता था ज्यादा किसी से मतलब
मृतक मानवेंद्र सिंह के दोस्त धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि अक्षत मोहल्ले में किसी ज्यादा मतलब नहीं रखता था कभी अगर आमना सामना हो जाता था तो बातचीत हो जाती थी. कुछ साल पहले अक्षत घर से भाग भी चुका था जिसके बाद वह कानपुर में बरामद हुआ था. भागने के बाद उसने 6 पन्ने का एक पत्र लिखा था. अक्षत अपने पिता से पैथोलॉजी लैब बंद कर लोन या रेस्टोरेंट खोलने की सलाह दी थी.
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है. फॉरेंसिक टीम की मदद से सबूत जुटाए जा रहे हैं और आरोपी से पूछताछ जारी है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस खौफनाक हत्या की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी.
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