बवासीर की कर रहा था सिकाई और अंदर फंस गया 1.5kg का पत्थर, डॉक्टर भी देख हैरान

रंजय सिंह

• 05:17 PM • 07 Oct 2026

कानपुर में पाइल्स के दर्द से राहत पाने के लिए एक युवक ने नीम हकीम की सलाह पर गर्म पत्थर से सिकाई की, लेकिन करीब डेढ़ किलो का पत्थर उसके शरीर के अंदर चला गया. हालत बिगड़ने पर उसे उर्सला जिला अस्पताल लाया गया, जहां एक्स-रे में पत्थर का पता चला और डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसे बाहर निकाला.

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कानपुर में पाइल्स (बवासीर) के इलाज के लिए नीम हकीम की सलाह मानना एक युवक को भारी पड़ गया. दर्द से राहत पाने के लिए शख्स गर्म पत्थर से सिकाई कर रहा था. इसी दौरान करीब डेढ़ किलो का पत्थर उसके शरीर के अंदर चला गया. हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल उर्सला लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तुरंत ऑपरेशन करने का फैसला लिया.

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दर्द बढ़ा तो अस्पताल पहुंचा युवक

मरीज की हालत ऐसी हो गई थी कि उसके लिए चलना-फिरना तक मुश्किल हो गया. जब उसे उर्सला जिला अस्पताल लाया गया तो उसने डॉक्टरों को सिर्फ इतना बताया कि उसे पाइल्स की समस्या है. डॉक्टर प्रशांत मिश्रा ने जांच शुरू की और एक्स-रे कराया. एक्स-रे में शरीर के अंदर पत्थर दिखाई दिया. इसके बाद डॉक्टर ने मरीज से दोबारा पूछताछ की तो उसने पूरी बात बताई.

नीम हकीम की सलाह पर कर रहा था सिकाई

मरीज ने बताया कि पाइल्स के दर्द से परेशान होकर उसने नीम हकीम की सलाह ली थी. उसे गर्म पत्थर से सिकाई करने को कहा गया था. वह इसी तरीके से पाइल्स की सिकाई कर रहा था. इसी दौरान पत्थर शरीर के अंदर चला गया. उसे खुद भी समझ नहीं आया कि पत्थर अंदर कैसे चला गया.

डॉक्टर ने तुरंत ऑपरेशन किया

एक्स-रे में पत्थर दिखाई देने के बाद डॉक्टर प्रशांत मिश्रा ने बिना देर किए ऑपरेशन की तैयारी की. डॉक्टर और उनकी टीम ने कई घंटे तक ऑपरेशन किया और शरीर के अंदर फंसे पत्थर को बाहर निकाला. पत्थर का वजन करीब डेढ़ किलो बताया गया है. समय पर इलाज मिलने के बाद मरीज की हालत अब ठीक है और वह अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है.

मरीज बोला- अब ऐसी गलती नहीं करूंगा

इलाज के बाद अस्पताल के बेड पर भर्ती मरीज ने अपनी गलती भी मानी. उसने बताया कि दर्द ज्यादा था, इसलिए उसने नीम हकीम की सलाह पर पत्थर गर्म करके सिकाई शुरू की थी. इसी दौरान हादसा हो गया. मरीज ने कहा कि अब वह ठीक है और आगे से ऐसी गलती नहीं करेगा.

डॉक्टर ने दी खास सलाह

डॉक्टर प्रशांत मिश्रा ने बताया कि मरीज जब उनके पास आया तो एक्स-रे में पत्थर दिखाई दिया. इसके बाद तुरंत ऑपरेशन किया गया. उन्होंने पाइल्स के मरीजों को सलाह दी कि इलाज के लिए योग्य डॉक्टर से ही संपर्क करें. किसी नीम हकीम के कहने पर इस तरह के तरीके अपनाना जानलेवा साबित हो सकता है.

मेडिकल साइंस आगे बढ़ रहा, फिर भी ऐसी गलती क्यों?

मेडिकल साइंस लगातार आगे बढ़ रहा है और गंभीर बीमारियों का इलाज भी आधुनिक तरीकों से संभव है. इसके बावजूद कई लोग बीमारी के इलाज के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के घरेलू या दूसरे लोगों के बताए तरीके अपना लेते हैं. 

कानपुर का मामला बताता है कि गलत तरीके से किया गया इलाज कितनी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है. इस युवक की जान समय पर अस्पताल पहुंचने और डॉक्टरों की टीम के ऑपरेशन से बच सकी.