UP News: झांसी में केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है. करोड़ों की टैक्स चोरी के मामले में आरोपियों को बचाने के बदले घूस लेने वाले सीजीएसटी अधिकारियों के खिलाफ एक्शन हुआ है. सीबीआई ने इस मामले में आईआरएस अफसर और डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.
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70 लाख लेते रंगेहाथ पकड़े गए अधिकारी
पूरा मामला सेंट्रल टैक्स की चोरी से जुड़ा है. सीबीआई को गुप्त सूचना मिली थी कि जीएसटी चोरी के एक मामले में फंसी निजी फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी पद का दुरुपयोग किया जा रहा है. जांच में सामने आया कि इस मामले को रफा-दफा करने के लिए 1.5 करोड़ रुपये की मोटी रिश्वत मांगी गई थी. मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात जब इस डील की पहली किस्त के रूप में 70 लाख रुपये लिए जा रहे थे, तभी सीबीआई ने दो जीएसटी अधीक्षकों को रंगेहाथ दबोच लिया.
छापेमारी में मिला कैश और गोल्ड का अंबार
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम ने झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के आवास सहित कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. अब तक की तलाशी में लगभग 1.60 करोड़ रुपये नकद, भारी मात्रा में सोना-चांदी के आभूषण और संपत्तियों के कई अहम दस्तावेज बरामद किए जा चुके हैं. छापेमारी की इस कार्रवाई से जीएसटी विभाग में हड़कंप मच गया और कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा.
इन लोगों की हुई है गिरफ्तारी
- प्रभा भंडारी: डिप्टी कमिश्नर, सीजीएसटी (IRS 2016 बैच)
- अनिल तिवारी: अधीक्षक, सीजीएसटी
- अजय कुमार शर्मा: अधीक्षक, सीजीएसटी
- नरेश कुमार गुप्ता: वकील (जीएसटी)
- राजू मंगतानी: स्वामी, मेसर्स जय दुर्गा हार्डवेयर
जांच एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडिकेट के तार और कहां-कहां जुड़े हैं. फिलहाल, भारी मात्रा में बरामद नकदी और जेवरातों की जांच जारी है और मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है.
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