Lucknow Programme Rachna Rai: गोरखपुर के कौड़ीराम की रहने वाली रचना राय उस वक्त चर्चा में आ गईं, जब वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और हजारों लोगों के सामने मंच पर अपनी बात रखने पहुंचीं. शुरुआत में रचना काफी नर्वस नजर आईं और उनकी आवाज बार-बार लड़खड़ाने लगी. वह कई बार अपनी बात दोहराने लगीं और कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि शायद वह भाषण पूरा नहीं कर पाएंगी. इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी घबराहट को समझते हुए उन्हें सहज होकर बोलने के लिए कहा. इसके बाद रचना ने दोबारा शुरुआत की और धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास लौटता गया. कुछ देर बाद वही रचना पूरे कॉन्फिडेंस के साथ अपनी कहानी और अपने अनुभव लोगों के सामने रखने लगीं.
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मंच पर पहुंचते ही घबरा गईं रचना
मौका था एचसीएल टेक के लखनऊ में 10 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम का. रचना राय को मंच पर अपने अनुभव साझा करने के लिए बुलाया गया था. सामने बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई बड़े लोग बैठे थे. माइक के सामने पहुंचते ही रचना नर्वस हो गईं. वह अपनी बात शुरू करने की कोशिश करती रहीं, लेकिन बार-बार शब्द अटक रहे थे. उन्होंने अंग्रेजी में भी कहा कि वह दोबारा शुरुआत करेंगी और इस बार बेहतर तरीके से बोलेंगी. इस दौरान कुछ लोग हंसते भी नजर आए, लेकिन रचना ने कोशिश नहीं छोड़ी.
सीएम योगी ने कहा- घबराइए नहीं, आराम से बोलिए
रचना की परेशानी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समझ लिया. उन्होंने मुस्कुराते हुए उन्हें घबराने के बजाय आराम से बोलने के लिए कहा. सीएम की इस छोटी सी बात का रचना पर असर दिखाई दिया. हॉल तालियों से गूंज उठा और रचना का आत्मविश्वास धीरे-धीरे वापस आने लगा. जो लड़की कुछ देर पहले एक ही बात को बार-बार दोहरा रही थी, वही इसके बाद पूरे भरोसे के साथ मंच पर अपनी बात रखने लगी. रचना ने बताया कि इस टेक प्रोग्राम ने उन्हें आगे बढ़ने का साहस दिया है.
गांव से निकलकर कुछ बड़ा करने का सपना
रचना ने बताया कि वह गोरखपुर के एक ग्रामीण इलाके कौड़ीराम से आती हैं और उन्होंने 12वीं तक की शिक्षा वहीं से प्राप्त की. बचपन से ही उनका रुझान टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में था. उन्होंने अपने ग्रामीण परिवेश का जिक्र करते हुए कहा कि वह वहां से निकलकर आगे बढ़ना चाहती थीं, कुछ बड़ा करना चाहती थीं और दूसरों के लिए प्रेरणा बनना चाहती थीं. साथ ही उनका एक बड़ा उद्देश्य अपने पिता की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना और उनकी मदद करना भी था. रचना ने बताया कि वह अपने घर की बड़ी बेटी हैं और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होना था.
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इस प्रोग्राम ने दिया स्टेज पर खड़े होने का आत्मविश्वास
रचना ने मंच से कहा कि पहले उनके अंदर इतना आत्मविश्वास भी नहीं था कि वह स्टेज पर खड़ी होकर लोगों के सामने बोल सकें. लेकिन टेक प्रोग्राम और संस्था ने उन्हें यह हिम्मत दी. उन्होंने माना कि उस वक्त भी उनके अंदर थोड़ी घबराहट दिखाई दे रही थी, लेकिन वह कम से कम मंच पर खड़ी होकर अपनी बात रख पा रही थीं. रचना ने ग्रामीण इलाकों के उन बच्चों का भी जिक्र किया, जो पढ़ना और कुछ करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पाता. उन्होंने लोगों से ऐसे कार्यक्रमों से जुड़ने और आगे बढ़ने की अपील की.
17 साल की उम्र में कंपनी से जुड़ीं
रचना ने बताया कि वह पिछले तीन साल से काम कर रही हैं. उन्होंने 17 साल की उम्र में कंपनी ज्वाइन की थी. वह टेक बीएसए स्कॉलर के तौर पर कंपनी से जुड़ी थीं और अब एबिट प्रोजेक्ट में मीडिया एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर काम कर रही हैं. इसके साथ ही वह BITS Pilani से BSc की डिग्री हासिल कर रही हैं. रचना ने कहा कि वह आगे भी कई चीजें करना चाहती हैं और उन्हें भरोसा है कि वह अपने लक्ष्य हासिल कर सकती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पहले वह बहुत कुछ पढ़कर और रटकर आई थीं, लेकिन मंच पर जो बात दिल से निकली, उसे वह ज्यादा आसानी से बोल पाईं.
भाषण से ज्यादा सीएम योगी का अंदाज चर्चा में
रचना राय का यह पूरा पल अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है. खासतौर पर लोगों का ध्यान उस समय पर है, जब मंच पर घबराई हुई रचना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डांटने या जल्दबाजी करने के बजाय सहज होने का भरोसा दिया. रचना के आत्मविश्वास के साथ बोलने के बाद हॉल तालियों से गूंज उठा और उन्होंने सभी का धन्यवाद किया. एचसीएल टेक के लखनऊ में 10 साल पूरे होने के कार्यक्रम में चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा समेत बड़ी संख्या में युवा मौजूद थे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे. इस दौरान सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का बाजार नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी का निर्माता बन रहा है. हालांकि कार्यक्रम का सबसे ज्यादा चर्चा में आया पल कोई राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि एक घबराई हुई लड़की को मिला मुख्यमंत्री का भरोसा और उसके बाद मंच पर लौटता उसका आत्मविश्वास रहा.
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