Chandauli Health News: मौसम बदलते ही बढ़े वायरल और श्वसन रोग के मरीज, बच्चों की सुरक्षा पर दें विशेष ध्यान, चिकित्सा अधीक्षक

Newzo

• 01:07 PM • 27 Jul 2026

Chandauli Health Alert: चंदौली में बदलते मौसम के साथ वायरल बुखार, सर्दी-खांसी, श्वसन और त्वचा रोग के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. राजकीय महिला चिकित्सालय में सबसे अधिक बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं. चिकित्सकों ने अभिभावकों से बच्चों को बारिश, ठंडे पानी और संक्रमण से बचाने तथा गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाने की अपील की.

मौसम बदलते ही बढ़े वायरल और श्वसन रोग के मरीज, बच्चों की सुरक्षा पर दें विशेष ध्यान, चिकित्सा अधीक्षक

मौसम बदलते ही बढ़े वायरल और श्वसन रोग के मरीज, बच्चों की सुरक्षा पर दें विशेष ध्यान, चिकित्सा अधीक्षक

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Chandauli News: बदलते मौसम और लगातार हो रहे तापमान में उतार-चढ़ाव का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देने लगा है. राजकीय महिला चिकित्सालय, मुगलसराय में इन दिनों वायरल बुखार, सर्दी-खांसी, जुकाम, श्वसन संबंधी बीमारियों तथा चर्म रोग के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. सबसे अधिक प्रभावित छोटे बच्चे हो रहे हैं, जिन्हें मौसमी संक्रमण तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है.

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राजकीय महिला चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.के. चतुर्वेदी ने बताया कि मौसम में आए बदलाव के कारण अस्पताल में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है. इसके साथ ही सांस संबंधी बीमारियों और त्वचा रोग के मरीज भी बड़ी संख्या में इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं. उन्होंने बताया कि इन दिनों सबसे अधिक बच्चे अस्पताल में उपचार के लिए आ रहे हैं.

डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि बच्चों में मुख्य रूप से ऊपरी श्वसन तंत्र का संक्रमण देखने को मिल रहा है. इसके कारण बच्चों को सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, गले में दर्द और नाक बंद होने जैसी समस्याएं हो रही हैं. मौसम में नमी, बरसात और तापमान में लगातार बदलाव के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है, इसलिए अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है.

उन्होंने अभिभावकों को सलाह देते हुए कहा कि बच्चों को ठंडा या फ्रिज का पानी बिल्कुल न पिलाएं. उन्हें सामान्य तापमान का साफ और स्वच्छ पानी ही दें. बिना आवश्यकता बच्चों को बारिश में बाहर न ले जाएं. यदि किसी कारणवश बाहर जाना जरूरी हो तो बच्चों को रेनकोट या छाते की सहायता से पूरी तरह सुरक्षित रखें, ताकि वे बारिश में भीगने से बच सकें.

चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि यदि किसी बच्चे या व्यक्ति को लगातार बुखार, तेज खांसी, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा पर चकत्ते या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या चिकित्सक से परामर्श लें.समय पर इलाज और सावधानी ही मौसमी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है.