अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर हुई कार्रवाई के बाद विवाद गहरा गया है. चौड़ीकरण की जद में आए मकानों और दुकानों पर बुलडोजर चलने के बाद प्रभावित परिवार सड़क पर आ गए हैं. इस कार्रवाई के विरोध में जहां एक तरफ पीड़ित परिवारों ने लखनऊ पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की, वहीं दूसरी तरफ सपा सांसद अवधेश प्रसाद प्रभावित स्थल पर धरने पर बैठ गए हैं.
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पीड़ितों का आरोप: आधे घंटे का टाइम दिया और चला दिया बुलडोजर
कार्रवाई से प्रभावित रोहित यादव ने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है. रोहित यादव के मुताबिक, उनके पिता मुरारी सिंह यादव को थाने में बिठा दिया गया.
रोहित यादव ने कहा:
"हम लोगों को अनाउंसमेंट करके आधे घंटे का टाइम दिया गया कि आप अपने घर को 4 फुट या जो भी खाली कर लीजिए और उसके बाद 20 फुट तोड़ के हमारे पिताजी को ले जाकर थाने में बैठा दिया गया और हमारा पूरा का पूरा घर गिरा दिया गया. यह एकपक्षीय कार्रवाई हुई है. रोड के मिडिल से इनको लेना था लेकिन इन्होंने पूरा एकतरफा हमारा घर गिरा दिया. हमारी मांग है कि हमको उचित न्याय दिया जाए और दोबारा काबिज किया जाए ताकि काम-धंधा शुरू हो सके."
अखिलेश से मिले पीड़ित
घर और दुकान टूटने से परेशान पीड़ित प्रीति चौहान, सपना राजपाल, पूनम गुप्ता और रोहित यादव पूर्व मंत्री पवन पांडे की अगुवाई में लखनऊ पहुंचे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की. अखिलेश यादव ने पीड़ितों की बात सुनकर उन्हें समर्थन का भरोसा दिया.
दूसरी तरफ, अयोध्या के जनोरा नाका (बुलडोजर कार्रवाई वाली जगह) पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद पीड़ितों के समर्थन में धरने पर बैठ गए हैं. अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि लोगों को उजाड़ा गया है और उनके साथ अन्याय हुआ है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पीड़ितों के हक और न्याय की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी.
प्रशासन की सफाई: हाईकोर्ट के आदेश और सर्वे के बाद हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले पर अयोध्या के जिलाधिकारी (DM) शशांक त्रिपाठी ने प्रशासन का पक्ष रखते हुए बताया कि 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण का काम 2023 से चल रहा है.
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा:
"सरकारी जमीन पर जो अवैध कब्जे थे, उनको हटाए जाने का निर्देश माननीय उच्च न्यायालय द्वारा मई 2026 में भी दिया गया था. 8 सितंबर 2026 को कंटेंप्ट पिटीशन में कंप्लायंस भी कराना था. यह अधिग्रहण लैंड एक्विजिशन एक्ट के तहत हुआ है, जिसमें एक विशेषज्ञ समिति सर्वे करती है और सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत करती है. माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में ही अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई है."
डीएम ने आगे बताया कि पौराणिक परिक्रमा मार्ग के अनुसार एलाइनमेंट तय होने के कारण कुछ लोगों में भ्रांतियां हो सकती हैं. प्रभावित परिवारों को मुआवजे के लिए वार्ता हेतु बुलाया गया है और उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाएगा.
राजनीतिक गलियारों में हलचल
पूर्व मंत्री पवन पांडे ने भी इस दौरान नेताजी मुलायम सिंह यादव से जुड़े अपने पुराने संस्मरणों और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा का जिक्र करते हुए कहा कि उनके परिवार का लगाव हमेशा से समाजवादी आंदोलन से रहा है.
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फिलहाल, एक तरफ जहां प्रशासन मुआवजे और नियमानुसार कार्रवाई की बात कह रहा है, वहीं दूसरी तरफ बेघर हुए परिवार न्याय और पुनर्वसन की मांग को लेकर अड़े हुए हैं.
यहां देखें वीडियो रिपोर्ट
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