Ambedkar Nagar Crime News: इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना में अम्बेडकर नगर के एक ही परिवार के चार मासूम बच्चों और उनकी मां की निर्मम हत्या कर दी गई. इस जघन्य हत्याकांड का मुख्य आरोपी आमिर, पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है. लेकिन उसके अपराध की गंभीरता ऐसी थी कि मरने के बाद उसे दो गज जमीन और अपनों का कंधा तक नसीब नहीं हुआ.
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संपत्ति और सनक के लिए उजाड़ा परिवार
इस पूरी वारदात के पीछे आरोपी आमिर की लालची और आपराधिक मानसिकता थी. आमिर पहले भी जेल जा चुका था और जमानत पर बाहर आने के बाद एक महिला पर शादी के लिए दबाव बना रहा था. उसका असली मकसद परिवार की संपत्ति पर कब्जा करना था. जब उसकी योजना सफल नहीं हुई, तो उसने निर्दयता की सारी हदें पार करते हुए महिला और उसके चार मासूम बच्चों को मौत के घाट उतार दिया.
पुलिस एनकाउंटर और सामाजिक बहिष्कार
अकबरपुर के सुडारी गांव के पास पुलिस ने जब आरोपी को घेरा, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में आमिर मारा गया. इसके बाद जो हुआ, वह समाज के लिए एक बड़ा संदेश है. आमिर के परिजनों ने उसका शव लेने से साफ मना कर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे उसके इस घृणित अपराध के कारण उससे कोई संबंध नहीं रखना चाहते. इलाके के पेश इमाम ताज मोहम्मद ने घोषणा की कि ऐसे निर्दयी हत्यारे के लिए न तो फातिहा पढ़ी जाएगी और न ही जनाजे की नमाज़ अदा होगी. उन्होंने कहा कि जिसने मासूमियत और इंसानियत का कत्ल किया हो, उसके लिए समाज में कोई जगह नहीं है.
पुलिस ने किया अंतिम संस्कार
अपनों और समाज द्वारा पूरी तरह बहिष्कृत किए जाने के बाद, आखिरकार पुलिस प्रशासन को ही लावारिस की तरह आरोपी का अंतिम संस्कार करना पड़ा. यह घटना साबित करती है कि जब कोई व्यक्ति अपराध की सारी सीमाएं लांघ देता है, तो अंत में कानून की सजा के साथ-साथ उसे सामाजिक तिरस्कार की सबसे बड़ी सजा भी भुगतनी पड़ती है.
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