एक दौर था जब हिंदी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में भोजपुरी सिनेमा के कलाकारों की इतनी चर्चा नहीं होती थी. ये सितारे एक खास दायरे तक सीमित रहते थे. लेकिन वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज वही हिंदी रियलिटी शोज जो कभी बॉलीवुड सितारों के दम पर चलते थे अब TRP की कश्ती पार लगाने के लिए भोजपुरी और पूर्वांचली सितारों का रुख कर रहे हैं.
ADVERTISEMENT
रवि किशन, मनोज तिवारी और पवन सिंह से लेकर आम्रपाली दुबे, काजल राघवानी और यहां तक कि राजनीतिक गलियारों से निकलकर रियलिटी वर्ल्ड में कदम रखने वाले तेज प्रताप यादव तक मेकर्स हर उस चेहरे पर दांव लगा रहे हैं जिसकी धमक यूपी-बिहार में गूंजती है. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या भोजपुरी स्टार्स की मौजूदगी वाकई में TRP की पक्की गारंटी है या फिर शो के फॉर्मेट में ढलना भी उतना ही जरूरी है?
क्यों बढ़ी हिंदी रियलिटी शोज में भोजपुरी सितारों की मांग?
भोजपुरी सेलेब्स को प्राइम टाइम पर लाने के पीछे मेकर्स की एक सोची-समझी बिजनेस स्ट्रेटेजी काम कर रही है. मेकर्स अब सिर्फ मेट्रो शहरों या मुंबई के दर्शकों तक सीमित नहीं रहना चाहते. यूपी, बिहार और झारखंड का एक विशाल दर्शक वर्ग है जो अपने पसंदीदा सितारों को देखने के लिए टीवी और ओटीटी से चिपक जाता है.
ठेठ अंदाज और सादगी का तड़का
भोजपुरी कलाकारों का बेबाकपन, ठेठ देहाती लहजा और जमीन से जुड़ा स्वभाव रियलिटी शोज में एक नया ड्रामा और ताजगी जोड़ता है जो दर्शकों को तुरंत कनेक्ट करता है. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के आने से क्षेत्रीय भाषा और वहां के सितारों की पहुंच काफी बढ़ी है. दर्शक अब अलग-अलग तरह के कंटेंट देखना पसंद कर रहे हैं.
इन बड़े चेहरों पर मेकर्स ने खेला है दांव
छोटे पर्दे से लेकर ओटीटी के बड़े-बड़े शोज तक भोजपुरी और पूर्वांचली सितारे अपनी छाप छोड़ रहे हैं.
रवि किशन: भोजपुरी से बॉलीवुड और राजनीति तक का सफर तय करने वाले रवि किशन हाल ही में रियलिटी शो 'द अलायंस' (The Alliance) में नजर आए थे.
मनोज तिवारी: बिग बॉस के सबसे चर्चित सीजन्स में से एक का हिस्सा रह चुके मनोज तिवारी का दबदबा आज भी कायम है. अब उनकी बेटी के भी रियलिटी शो में शामिल होने को लेकर गलियारों में खूब चर्चाएं हैं.
पवन सिंह, निरहुआ, आम्रपाली दुबे, काजल राघवानी और रानी चटर्जी: ये सभी दिग्गज सितारे भोजपुरी बवाल, बिग बॉस और राइज एंड फॉल जैसे चर्चित रियलिटी फॉर्मेट्स में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं.
तेज प्रताप यादव: अपनी अलग शैली के लिए जाने जाने वाले नेता तेज प्रताप यादव भी भोजपुरी बवाल के बाद अब राइज एंड फॉल शो में अपने अनोखे अंदाज से दर्शकों को लुभाने के लिए तैयार हैं.
क्या वाकई टीआरपी की गारंटी हैं ये सितारे या है कोई पेंच?
भोजपुरी सितारों की तगड़ी फैन फॉलोइंग होने के बावजूद मेकर्स के लिए यह राह हमेशा आसान नहीं होती. कई बार देखा गया है कि बड़े भोजपुरी सितारे मेनस्ट्रीम बॉलीवुड कलाकारों या शो के कड़े नियमों के साथ तालमेल बिठाने में असहज हो जाते हैं. 'बिग बॉस' के शुरुआती सीजन्स में कुछ कलाकारों के साथ ऐसा देखा भी गया है.
सिर्फ फैन बेस होना ही किसी शो को हिट कराने के लिए काफी नहीं होता. रियलिटी शोज में खिलाड़ी का माइंड गेम, पर्सनालिटी और शो के कंटेंट के साथ उसका जुड़ाव भी उतना ही मायने रखता है जितना कि उसका स्टारडम. कुल मिलाकर इसमें कोई दो राय नहीं है कि भोजपुरी सितारों ने हिंदी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपने लिए एक मजबूत और नए मुकाम का निर्माण किया है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पूर्वांचल का यह तड़का आने वाले दिनों में टीवी और ओटीटी की दुनिया में TRP के और कौन से नए रिकॉर्ड कायम करता है.
ADVERTISEMENT











