Keshav Prasad Maurya: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों का दौर लगातार जारी है. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है. केशव मौर्य ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अखिलेश यादव बीजेपी में शामिल होने के लिए उनसे मिले थे. वहीं, अखिलेश यादव ने इस दावे को हंसते हुए टाल दिया और साफ कहा कि उनके संपर्क में कोई नहीं है. इस बयानबाजी ने यूपी की सियासत में एक नई चर्चा छेड़ दी है.
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केशव मौर्य ने किया बड़ा दावा
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक बड़ा बयान देकर सबको चौंका दिया है. उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव उनसे मिलने आए थे और वह बीजेपी में शामिल होना चाहते थे. हालांकि, मौर्य ने इस मुलाकात की कोई पक्की जानकारी या सबूत नहीं दिया, लेकिन चुनाव से पहले उनके इस एक बयान ने यूपी का राजनीतिक माहौल काफी गर्म कर दिया है.
अखिलेश यादव ने दिया करारा जवाब
केशव मौर्य के इस दावे पर जब अखिलेश यादव से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इसे सिरे से नकार दिया. अखिलेश ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि ना तो वह किसी के संपर्क में हैं और ना ही कोई उनसे संपर्क कर सकता है. अखिलेश के इस छोटे और सीधे जवाब ने यह साफ कर दिया कि मौर्य के दावों में उनके हिसाब से कोई सच्चाई नहीं है और यह सिर्फ एक कोरी अफवाह है.
पीडीए को बताया परिवार की एजेंसी
इस बयानबाजी के बीच केशव मौर्य ने अखिलेश यादव के 'पीडीए' फॉर्मूले पर भी तीखा तंज कसा है. मौर्य ने पीडीए को 'परिवार डेवलपमेंट एजेंसी' का नाम दिया और आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अपराधियों को बचाने का काम करती है. इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि 2027 ही नहीं, बल्कि 2047 तक समाजवादी पार्टी सत्ता में वापस नहीं आ पाएगी और यूपी में फिर से बीजेपी की ही सरकार बनेगी.
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