UP Rajya Sabha Election: भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है. इस बार पार्टी ने सबको चौंकाते हुए 8 नेताओं के नाम का ऐलान किया है. इस लिस्ट में पार्टी संगठन और स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहने वाले चेहरों को मौका दिया गया है. जिन 8 नेताओं को राज्यसभा जाने का टिकट मिला है, उनमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्या सागर सोनकर, गोपी कृष्णा पाण्डेय, पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं.
ADVERTISEMENT
इस नई सूची के आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उन दो बड़े नामों की हो रही है, जिनका इस बार पत्ता कट गया है. ये दोनों नेता यूपी से राज्यसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे मौजूदा केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा और हरदीप सिंह पुरी हैं. आइए जानते हैं कौन हैं ये दोनों नेता जिन्हें राज्यसभा का टिकट नहीं मिला.
कौन हैं हरदीप सिंह पुरी?
हरदीप सिंह पुरी मोदी सरकार के कद्दावर मंत्रियों में गिने जाते हैं. हरदीप सिंह पुरी जनवरी 2018 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए थे. इसके बाद नवंबर 2020 में वह दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुने गए. 3 सितंबर 2017 से 30 मई 2019 तक वह आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे हैं.
हरदीप सिंह पुरी 30 मई 2019 से 7 जुलाई 2021 तक आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे हैं. इसी दौरान वह वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री भी रहे हैं. 7 जुलाई 2021 से 9 जून 2024 तक वह पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के मंत्री रहे हैं. तो वहीं, 9 जून 2024 से लेकर वर्तमान में वह पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हैं.
हरदीप सिंह पुरी का विदेश सेवा में भी लंबा अनुभव रहा है. उन्होंने 1974 में भारतीय विदेश सेवा ज्वाइन की थी. 1976 से 1978 तक वह टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में सेकेंड सेक्रेटरी रहे हैं. इसके बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय में कई पदों पर भी काम किया है.
इतना ही नहीं 2006 से 2008 तक वह ब्राजील में भारत के राजदूत रहे है. 2008 से 2009 तक उन्होंने विदेश मंत्रालय में आर्थिक संबंधों के सचिव के तौर पर काम किया है. मई 2009 से मार्च 2013 तक वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि रहे हैं.
हरदीप सिंह पुरी 2011 से 2012 तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति के अध्यक्ष रहे हैं. इसके साथ ही अगस्त 2011 और नवंबर 2012 में वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष भी रहे हैं. तो वहीं, मार्च से सितंबर 2017 तक वह रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज, नई दिल्ली की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष और गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन रहे है.
शिक्षा में हरदीप पुरी का शानदार रिकॉर्ड
देश ही नहीं, बल्कि हरदीप सिंह पुरी ने विदेशों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है. हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में बीए ऑनर्स और एमए किया है. उन्होंने बीए ऑनर्स में प्रथम स्थान हासिल किया था और एमए इतिहास में प्रथम श्रेणी प्राप्त की थी.
बीएल वर्मा का कैसा रहा राजनीतिक सफर?
बीएल वर्मा नवंबर 2020 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे. दिसंबर 2020 से जुलाई 2021 तक वह कृषि संबंधी समिति के सदस्य रहे हैं. अप्रैल 2021 से जुलाई 2021 तक उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के सदस्य के तौर पर काम किया है.
7 जुलाई 2021 से 9 जून 2024 तक बीएल वर्मा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे हैं. 9 जून 2024 से वह उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में राज्य मंत्री तथा सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं.
बीएल वर्मा की शैक्षणिक योग्यता
बीएल वर्मा ने एमए की पढ़ाई की है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से शिक्षा हासिल की है.
बीजेपी ने घोषित किए आठ उम्मीदवार
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए जिन आठ नेताओं को उम्मीदवार बनाया है, उनमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्या सागर सोनकर, गोपी कृष्णा पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं.
इनमें प्रियंका सिंह रावत पूर्व सांसद हैं. पार्टी ने इस सूची में संगठन और स्थानीय राजनीति में सक्रिय चेहरों को प्राथमिकता दी है. अब इन आठ नेताओं के नामों के साथ उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है.
यह भी पढ़ें: जून 2026 में बड़ी जिम्मेदारी और अब राज्यसभा का टिकट, प्रकाश पाल कौन हैं?
ADVERTISEMENT











