UP News: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से हनीमून के लिए सिक्किम गया एक नवविवाहित जोड़ा वहां भारी बारिश के बीच वाहन के तीस्ता नदी में गिरने के बाद से लापता है. यह घटना 29 मई को हुई थी, जब नवविवाहित जोड़ा लाचेन से लाचुंग लौट रहा था. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि नवदंपति समेत कुल 9 लोग अभी भी लापता हैं. उनकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर खोज अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है.
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बीजेपी नेता का भतीजा है लापता युवक, 5 मई को हुई थी शादी
लापता युवक की पहचान 29 वर्षीय कौशलेंद्र प्रताप सिंह के रूप में हुई है, जो बीजेपी नेता उम्मीद सिंह के भतीजे हैं. कौशलेंद्र ने 5 मई को धनगढ़ सराय चिवलाहा गांव के विजय सिंह डब्बू की बेटी 26 वर्षीय अंकिता सिंह से शादी की थी. कौशलेंद्र के चाचा दिनेश सिंह के अनुसार, यह जोड़ा 25 मई को ट्रेन से सिक्किम के लिए रवाना हुआ था और 26 मई को मंगन जिले पहुंच गया था.
भारी बारिश की वजह से वाहन 1000 फीट गहरी खाई में गिरा, नदी में समाए 9 लोग
जानकारी मिली है कि 29 मई को लाचेन से लौटते समय, भारी बारिश के दौरान कौशलेंद्र और अंकिता का वाहन तीस्ता नदी में गिर गया था. अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा इतना भीषण था कि वाहन लगभग 1000 फीट गहरी खाई में जा गिरा और नदी में समा गया. नवविवाहित जोड़े के अलावा, वाहन में सात अन्य पर्यटक भी सवार थे. इनमें उत्तर प्रदेश से दो, त्रिपुरा से दो और ओडिशा से चार पर्यटक शामिल थे. उनके साथ स्थानीय ड्राइवर भी लापता है. कुल मिलाकर 9 लोग अभी भी लापता हैं.
SDRF-NDRF का तलाशी अभियान जारी, परिवार को 'चमत्कार' की उम्मीद
लापता दंपति के परिवार के सदस्य सिक्किम पहुंचे हैं और उन्होंने डीआईजी अक्षय सचदेवा और क्षेत्र के एसपी समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की है. कौशलेंद्र के चाचा दिनेश सिंह ने बताया कि SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें लगातार खोज और बचाव अभियान चला रही हैं, लेकिन अभी तक न तो कोई शव मिला है और न ही कोई जीवित व्यक्ति.
दिनेश सिंह ने आगे बताया कि कौशलेंद्र और अंकिता का सामान होटल से बरामद कर लिया गया था, लेकिन अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं है जो यह पुष्टि कर सके कि वे नदी में डूब गए थे. उन्होंने कहा कि घर पर परिवार पूरी तरह से टूट चुका है और किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहा है. खराब मौसम और मुश्किल इलाका बचाव कार्यों में बाधा बन रहे हैं, जिससे लापता लोगों को खोजने की चुनौती और बढ़ गई है.
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