UP weather update: अक्टूबर में दिसंबर जैसी ठंड! मौसम विभाग ने कोल्ड को लेकर जारी किया ये अपडेट

यूपी तक

13 Oct 2025 (अपडेटेड: 13 Oct 2025, 12:03 PM)

उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर से करवट ले ली है. मॉनसून सीजन के खत्म होते ही ठंड ने दस्तक दे दी है.कई सालों बाद ऐसा देखने को मिला है कि अक्टूबर के महीने में लोगों को दिसंबर जैसी ठंड का एहसास हो रहा है.

up weather news

up weather news

Google CTA

उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर से करवट ले ली है. मॉनसून सीजन के खत्म होते ही ठंड ने दस्तक दे दी है.कई सालों बाद ऐसा देखने को मिला है कि अक्टूबर के महीने में लोगों को दिसंबर जैसी ठंड का एहसास हो रहा है. भारतीय मौसम विभाग की लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, यूपी में 19 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहेगा. साथ ही पछुआ हवाओं के चलते सुबह और शाम को हल्की ठंड बनी रहेगी. दिवाली तक ठंड में और इजाफा होगा.

यह भी पढ़ें...

मौसम विभाग की ओर से 13 अक्टूबर को जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों ही क्षेत्रों में पूरे सप्ताह मौसम के शुष्क रहने की प्रबल संभावना है. विभाग ने इस अवधि के लिए किसी भी प्रकार की चेतावनी, जैसे कि भारी बारिश, आंधी या ओलावृष्टि, जारी नहीं की है.

यूपी में कब शुरू होगी ठंड?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अक्टूबर मध्य से यूपी में गुलाबी ठंड का असर देखने को मिलेगा. पहाड़ों (जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल) पर समय से पहले शुरू हुई बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में दिखना शुरू हो गया है. 15 अक्टूबर तक या दिवाली के आसपास से यूपी के कई हिस्सों में 'गुलाबी ठंड' का दौर शुरू हो जाएगा. यानी सुबह और रात के समय हल्की सिहरन महसूस होगी और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे नीचे जा सकता है. अक्टूबर के अंत तक तापमान में और गिरावट आने की संभावना है.

नवंबर में पड़ेगी कड़ाके की ठंड

यूपी में कड़ाके की ठंड नवंबर के मध्य से शुरू होने की संभावना है. मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 'ला नीना' (La Niña) की स्थिति बनने की संभावना है, जिसका असर ठंड की तीव्रता पर पड़ सकता है. ला नीना की स्थिति अक्सर उत्तरी भारत में अधिक और लंबी ठंड लाती है. दिसंबर और जनवरी में घने कोहरे और भीषण शीतलहर (Cold Wave) का प्रकोप देखने को मिलेगा. दिसंबर और जनवरी की शुरुआत में घना कोहरा छाए रहने का पूर्वानुमान है.

ये भी पढ़ें: पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती नदी को पुनर्जीवित करने का प्लान तैयार, क्या क्या होगा सब जान लीजिए