उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने घुमंतू और विमुक्त जनजातियों के कल्याण के लिए समर्पित 'घुमन्तू जनजाति बोर्ड' बनाने की जरूरतों पर जोर दिया है. सीएम योगी ने ये बात लखनऊ में 'विमुक्त जाति दिवस समारोह' के दौरान कही है. इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने इन समुदायों के ऐतिहासिक योगदान और उनके लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला.
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सीएम योगी ने 'घुमन्तू जनजातियों' के पराक्रम को किया याद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह में इन समुदायों के इतिहास को याद करते हुए कहा कि नट, बंजारा, बावरिया, शासी, कंजर, कालबेलिया, सपेरा और जोगी जैसी जनजातियों ने अलग-अलग समय में देश पर हुए हमलों के खिलाफ एक योद्धा की तरह संघर्ष किया. उन्होंने मुगलों और अंग्रेजों का बहादुरी से सामना किया, लेकिन ब्रिटिश सरकार ने उनके शौर्य से डरकर 1871 में 'क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट' जैसा काला कानून लागू कर दिया. इस कानून के तहत इन समुदायों को 'जन्म से ही अपराधी' घोषित कर दिया गया.
सीएम ने बताया कि 1947 में देश के आजाद होने के बाद भी यह कानून 1952 तक लागू रहा. बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रयासों से 31 अगस्त, 1952 को इन समुदायों को इस कलंक से मुक्ति मिली, जिसके बाद से यह दिन 'विमुक्त जाति दिवस' के रूप में मनाया जाता है.
अपनी सरकार की योजनाएं गिनाईं
सीएम योगी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन समुदायों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं. उन्होंने बताया कि शिक्षा और आवास जैसी योजनाओं से उन्हें लाभ पहुंचाया जा रहा है.
सरकार की प्रमुख पहलें:
शिक्षा: प्रदेश के 9 जिलों में जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय चलाए जा रहे हैं, जबकि 101 आश्रम पद्धति विद्यालयों में भी इन जातियों के छात्रों के लिए प्रवेश की व्यवस्था की गई है.
आवास और भूमि: कानपुर, लखीमपुर खीरी और मुरादाबाद में 'राजकीय उन्नयन बस्ती' के नाम से इन समुदायों के लिए भूमि और आवास की व्यवस्था की गई है.
वनटांगिया समुदाय: वनटांगिया गांवों को राजस्व गांव का दर्जा दिया गया और उन्हें वोट देने का अधिकार भी मिला. इन गांवों में पक्के मकान, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाएं दी गई हैं.
रोजगार: हाल ही में यूपी पुलिस भर्ती में इन समुदायों के कई युवाओं का चयन हुआ है, जो सरकार की बिना भेदभाव वाली नीति का प्रमाण है.
सीएम ने कहा कि नए घुमन्तू जनजाति बोर्ड का मुख्य उद्देश्य इन समुदायों को जमीन के पट्टे, आवास और सरकारी नौकरियों जैसी योजनाओं से जोड़ना होगा. यह बोर्ड इन समुदायों के विकास को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा.
'विमुक्त जाति दिवस' पर हुआ भव्य समारोह
लखनऊ में आयोजित 'विमुक्त जाति दिवस समारोह' में सीएम योगी ने इन समुदायों के प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित किया. इस दौरान समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, मत्स्य मंत्री संजय निषाद और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे. इस मौके पर इन समुदायों के कल्याण पर आधारित एक लघु फिल्म और प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया.
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