'सुरक्षा से समृद्धि' की ओर नया उत्तर प्रदेश: CM योगी ने कहा- 2017 से पहले सूर्यास्त के साथ थम जाता था व्यापार

यूपी तक

• 11:45 AM • 30 Oct 2026

CM योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर लिखा कि 2017 के बाद UP में अपराध पर 'जीरो टॉलरेंस' से सुरक्षा व व्यापार बढ़ा है. रात में जगमगाते बाजार व्यापारी के विश्वास का प्रतीक हैं और महिला श्रम बल भागीदारी 13% से बढ़कर 36% हो गई है.

CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath

Google CTA

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 के पश्चात रात में जगमगाते बाजारों को व्यापारी के विश्वास का प्रकाश बताया है. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर पोस्ट कर पूर्ववर्ती सरकार की कार्यपद्धति पर सवालिया निशान खड़ा किया. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले अपराध और असुरक्षा के कारण सूर्यास्त के साथ व्यापारिक गतिविधियां सीमित होने लगती थीं.

यह भी पढ़ें...

मातृशक्ति का आत्मविश्वास समाज की प्रगति का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने लिखा कि आज नए उत्तर प्रदेश में रात्रि के समय जगमगाते बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की रोशनी केवल व्यापार की नहीं, बल्कि व्यापारी के विश्वास का प्रकाश भी है. नाइट शिफ्ट में अपने कार्यस्थल पर निर्भय होकर दायित्व निभाती हमारी मातृशक्ति का आत्मविश्वास केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि पूरे समाज की प्रगति का प्रतीक है.

2017 से पहले महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता था परिवार

मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरक्षा और विश्वास का यह वातावरण उत्तर प्रदेश में सदैव नहीं था. वर्ष 2017 से पहले अपराध और असुरक्षा के कारण सूर्यास्त के साथ व्यापारिक गतिविधियां सीमित होने लगती थीं. देर रात तक कार्य करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर परिवारों में चिंता बनी रहती थी.

डबल इंजन सरकार ने बदली परिस्थिति

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के यशस्वी मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने इस परिस्थिति को बदला. अपराध और अपराधियों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किया एवं महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी. आज बाजार रात में भी खुले रहते हैं. व्यापारियों को व्यवसाय के विस्तार के नए अवसर मिल रहे हैं और हमारी बेटियां सुरक्षित वातावरण में अपनी प्रतिभा एवं परिश्रम से आगे बढ़ रही हैं.

'सुरक्षा से समृद्धि' की ओर अग्रसर 'नया उत्तर प्रदेश'

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में प्रदेश की महिला श्रम बल भागीदारी लगभग 13 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत हो चुकी है. यह मातृशक्ति के बढ़ते आत्मविश्वास, आर्थिक सामर्थ्य और स्वावलंबन की सशक्त अभिव्यक्ति है. यह 'सुरक्षा से समृद्धि' की ओर अग्रसर 'नए उत्तर प्रदेश' की नई पहचान है.