लखनऊ से लेकर मेरठ और वाराणसी तक... सस्ते में घर-प्लॉट खरीदने का सुनहरा मौका! मगर आज ही पूरा करना होगा ये काम

यूपी तक

• 04:05 PM • 06 Oct 2026

उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की ई-नीलामी में घर, प्लॉट के साथ शैक्षणिक और अन्य गैर-आवासीय संपत्तियों पर बोली लगाने का मौका है. मेरठ, लखनऊ, आगरा, बरेली, वाराणसी और गोरखपुर समेत कई शहरों की संपत्तियां इसमें शामिल हैं.

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अगर आप उत्तर प्रदेश में घर, प्लॉट या किसी दूसरी संपत्ति की तलाश में हैं तो जरा थमिए. खबर आपके ही काम की है. उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की अलग-अलग योजनाओं में खाली पड़ी संपत्तियों को ई-नीलामी के जरिए लेने का मौका दिया जा रहा है. इसमें आवासीय के साथ शैक्षणिक और दूसरी गैर-आवासीय संपत्तियां भी शामिल हैं.

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6 अक्टूबर 2026 पंजीकरण और टोकन धनराशि जमा करने का आखिरी दिन है. इसके बाद 7 अक्टूबर को ई-नीलामी होगी. अगर आप इस नीलामी में शामिल होना चाहते हैं तो आज ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

यूपी के किन शहरों में मिल सकती है संपत्ति?

आवास एवं विकास परिषद की इस ई-नीलामी में मेरठ, लखनऊ, आगरा, बरेली, वाराणसी और गोरखपुर समेत कानपुर जोन की अलग-अलग योजनाओं की संपत्तियां शामिल हैं.

अगर आप लखनऊ या मेरठ में प्लॉट देख रहे हैं, आगरा या वाराणसी में संपत्ति की तलाश है या गोरखपुर-बरेली में निवेश का विकल्प चाहते हैं तो नीलामी की सूची देख सकते हैं. हालांकि कौन-सी संपत्ति किस शहर और योजना में उपलब्ध है, इसकी पूरी जानकारी नीलामी पोर्टल पर दी गई है.

सिर्फ घर ही नहीं, दूसरी संपत्तियां भी

नीलामी केवल रहने के लिए मकान या प्लॉट तक सीमित नहीं है. परिषद की ओर से आवासीय, शैक्षणिक और अन्य अनावासीय संपत्तियां भी शामिल की गई हैं. लखनऊ की वृंदावन योजना में आईटी/इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए भूखंड भी उपलब्ध कराए जाने सूचना है.

आज क्या करना होगा?

ई-नीलामी में हिस्सा लेने के लिए पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके साथ संबंधित संपत्ति के लिए तय टोकन धनराशि जमा करनी होगी.

रजिस्ट्रेशन के बाद नीलामी की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. संपत्तियों की कीमत, क्षेत्रफल, योजना, संपत्ति का प्रकार, आरक्षित श्रेणी और दूसरी जरूरी जानकारी नीलामी पोर्टल पर देखी जा सकती है.

  • ई-नीलामी पोर्टल: upavpauction.procure247.com
  • विस्तृत नियम और संपत्तियों की जानकारी के लिए आवास एवं विकास परिषद की वेबसाइट upavp.in पर भी जानकारी उपलब्ध है.

अगर आप आरक्षित श्रेणी में आते हैं तो...

आरक्षित श्रेणी की संपत्ति के लिए आवेदन करने वाले लोगों को संबंधित आरक्षण प्रमाण पत्र भी ऑनलाइन अपलोड करना होगा. अगर कोई व्यक्ति आरक्षित श्रेणी की संपत्ति के लिए बोली लगाता है, लेकिन बाद में वह उस श्रेणी का पात्र नहीं पाया जाता, तो उसका आवेदन अमान्य माना जा सकता है और टोकन धनराशि जब्त की जा सकती है.

संपत्ति खरीदने से पहले इन शर्तों को भी समझ लें

परिषद की संपत्तियां 'जहां है, जैसे है' के आधार पर निस्तारित की जाएंगी. इसके अलावा संपत्ति का भौतिक कब्जा मिलने के बाद निर्धारित समयसीमा के भीतर नक्शा स्वीकृत कराकर निर्माण पूरा करना होगा. निर्माण में देरी होने पर नियमानुसार अनिर्माण शुल्क या समय वृद्धि शुल्क देना पड़ सकता है. 

सिर्फ बोली लगाना ही पर्याप्त नहीं है. जिस संपत्ति के लिए बोली लगाने जा रहे हैं, उसकी पूरी जानकारी, शर्तें और संबंधित दस्तावेज पहले पढ़ना जरूरी है.

जानकारी के लिए कहां संपर्क करें?

संपत्तियों और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-5333 और 0522-2236803 पर संपर्क किया जा सकता है. संपर्क का समय किसी कार्य दिवस में सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक है. ई-नीलामी से संबंधित संपर्क नंबर 6354910183 और 9274416926 भी जारी किए गए हैं.