एटा में डेंगू से हाहाकार, 18 मौतों के दावे पर प्रशासन का आंकड़ा 12, यूपी Tak को ग्राउंड जीरो पर क्या दिखा?

देवेश सिंह

• 11:31 AM • 09 Oct 2026

Etah Dengue Deaths News: यूपी के एटा जिले के रसूलपुर गड़ौली गांव में डेंगू और बुखार से 18 लोगों की मौत का दावा. स्वास्थ्य विभाग के दावों और आंकड़ों पर उठे सवाल, दहशत में ग्रामीण.

Etah Dengue Deaths News

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एटा जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने शासन और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. जिले का रसूलपुर गड़ौली गांव डेंगू और बुखार के कहर से दहशत में है. ग्रामीणों का दावा है कि पिछले करीब एक महीने में 18 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. हैरानी की बात ये है कि कल ही गांव में दो लोगों की मौत होने की बात सामने आई है. हालांकि जिला प्रशासन ने गांव में डॉक्टरों की टीम भेज कर हेल्थ केम्प लगवाया है जिससे बीमार लोगों का इलाज किया जा सके.  जिला प्रशासन गांव वालों को दूषित पानी से दूर रहने की अपील कर रहा है. वहीं, जिला प्रशासन ने 12 मौतों होने का आंकड़ दिया है.

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ग्रामीणों के मुताबिक, मरने वालों में बड़ी संख्या जवान लोगों की है. लगातार हो रही मौतों के बाद गांव के कुछ परिवार डेंगू के डर से गांव छोड़कर रिश्तेदारों के यहां जाने के लिए मजबूर हैं.

हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने गांव में मेडिकल कैंप लगाया है. कैंप में बुखार और दूसरी बीमारियों से पीड़ित लोगों की जांच कर दवाएं बांटी जा रही हैं. लेकिन ग्रामीण इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं. उनका आरोप है कि कैंप लगाकर खानापूर्ति की जा रही है.

क्या है ग्रामीणों का गंभीर आरोप?

ग्रामीणों का सबसे गंभीर आरोप जांच को लेकर है. उनका कहना है कि सरकारी कैंप में डेंगू की जांच रिपोर्ट निगेटिव आती है, जबकि निजी अस्पताल में जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हो रही है. इसी आरोप को लेकर ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ खासा आक्रोश है.

यूपी Tak ने ग्राउंड जीरो पर क्या देखा?

यूपी Tak की टीम जब ग्राउंड जीरो पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत की, तो लोगों का दर्द और गुस्सा दोनों सामने आया. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी मौतों के बावजूद प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के अधिकारी गांव पहुंचे, लेकिन अधिकारियों के सामने भी ग्रामीणों का सब्र टूट गया और उन्होंने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की.

वहीं, जिला प्रशासन ग्रामीणों के दावे से अलग 12 मौतों की बात कह रहा है. सीडीओ के मुताबिक, मृतकों में 4 से 5 बुजुर्ग शामिल हैं और सभी मौतों को डेंगू से जोड़ना सही नहीं है. प्रशासन का दावा है कि कुछ मौतें अन्य बीमारियों के कारण भी हुई हैं. अधिकारियों ने गांव में दूषित जलस्रोत वाले नलों को चिन्हित किया है और ग्रामीणों से इन नलों का पानी इस्तेमाल नहीं करने की अपील की है.

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