गाजियाबाद में 3 बहनों की मौत के बाद उनकी तीसरी मां टीना की कहानी सामने आई, नानी ने रो-रोकर सब बता दिया

UP News: गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस में नानी का बड़ा खुलासा. कोरियन ड्रामा और परियों की सनक ने ली तीन बहनों की जान? जानें तीसरी मां 'टीना' और घर के अंदरूनी रिश्तों का पूरा सच.

जान देने वालीं 3 बच्चियों की नानी

गौरव कुमार पांडेय

08 Feb 2026 (अपडेटेड: 08 Feb 2026, 12:27 PM)

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गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन सगी बहनों की मौत मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. यूपी Tak की टीम जब बच्चियों के ननिहाल पहुंची, तो उनकी नानी ने रोते हुए घर के अंदरूनी हालातों, तीसरी मां टीना के प्रभाव और उन डरावनी वजहों का जिक्र किया, जो शायद इस मौत की वजह बनीं. नानी ने बताया कि बच्चियों की मौत के पीछे किसी बाहरी का हाथ नहीं, बल्कि एक अजीबोगरीब मानसिक बदलाव था. उनके मुताबिक, "बच्चियां पिछले डेढ़-दो साल से मोबाइल गेम और कोरियन संस्कृति के चक्कर में पड़ गई थीं. बीच वाली बेटी प्राची कहती थी कि हमें कोरियन बनना है. वे भारतीय लोगों से नफरत करने लगी थीं."

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'परियां आएंगी और हमें बचा लेंगी' 

नानी के अनुसार, बच्चियों की मां सुजाता ने बताया था कि उन्होंने घर की दीवारों पर परियों और कार्टून के चित्र बना रखे थे. वे कहती थीं कि 'परियां आएंगी और हमें बचा लेंगी.' पिता चेतन ने भी उन्हें बहुत समझाया और उनके लिए कोरियन स्टाइल के कपड़े भी लाकर दिए, ताकि उनका मन बहल सके, लेकिन वे मोबाइल की दुनिया में खो चुकी थीं. 

तीसरी मां टीना और घर का क्या था समीकरण

इस मामले में टीना नाम की महिला का जिक्र बार-बार आ रहा है. नानी ने बताया कि टीना उनके दामाद चेतन की तीसरी पत्नी है.  उन्होंने खुलासा किया कि चेतन की पहली दो पत्नियां उनकी अपनी सगी बेटियां सुजाता और हिना हैं. 

नानी ने कहा, "सुजाता की शादी हमने रिश्तेदारी में की थी. जब उसे बच्चा नहीं हुआ, तो छोटी बेटी हिना ने अपनी मर्जी से चेतन से शादी कर ली. बाद में चेतन ने टीना से शादी की, जिसे सुजाता और हिना ने ही पसंद किया था. तीनों एक ही घर में मिल-जुलकर रहती थीं. बच्चियां भी टीना को मम्मी कहती थीं और वह उन्हें बहुत प्यार करती थी."

डरपोक निशिका और हिम्मतवाली थी प्राची

नानी ने बच्चियों के स्वभाव के बारे में बताया कि सबसे बड़ी बहन निशिका बहुत डरपोक थी. वह मम्मी-पापा के मामूली झगड़े से भी डर जाती थी. वहीं, 14 साल की प्राची बहुत तेज दिमाग और हिम्मतवाली थी. छोटी बेटी पाकी भी स्वभाव से सीधी थी. नानी को इस बात पर हैरानी है कि जो निशिका इतनी डरपोक थी, उसने नौवीं मंजिल से छलांग कैसे लगा दी?

मौत के बाद का मंजर, 'चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था'

शमशान घाट का जिक्र करते हुए नानी फफक कर रो पड़ीं. उन्होंने बताया, "जब बच्चियों को एंबुलेंस से निकाला गया, तो उनका हाल देखा नहीं जा रहा था. छोटी वाली का चेहरा पूरी तरह टूट चुका था. वह मंजर देखकर मैं और मेरी बेटी हिना बेहोश हो गए थे." उन्होंने बताया कि उनकी दोनों बेटियां (सुजाता और हिना) सदमे में हैं और खाना-पीना तक छोड़ दिया है. 

परिजनों की मांग- 'बंद हो यह कोरियन ड्रामा'

नानी ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले की गहन छानबीन होनी चाहिए. उन्होंने रोते हुए कहा, "हमारी बच्चियां बहुत पढ़ी-लिखी और संस्कारी थीं. यह कोरियन ड्रामा बंद होना चाहिए ताकि किसी और के घर के चिराग न बुझें. जैसे हमारी नवासियों के साथ हुआ, वैसा किसी और के साथ न हो."

ननिहाल के लोग इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि जो बच्चियां दो दिन पहले नानी से मिलने की जिद कर रही थीं, उन्होंने इतना खौफनाक कदम उठा लिया. फिलहाल पुलिस मोबाइल फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के जरिए मामले की जांच कर रही है. 

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