15 जून को बनेगा दुर्लभ त्रिग्रही योग! सूर्य, बुध और चंद्रमा मिलकर इन राशियों की चमका सकते हैं किस्मत

यूपी तक

• 08:42 AM • 10 Jun 2026

15 जून 2026 को सूर्य, बुध और चंद्रमा की मिथुन राशि में युति से त्रिग्रही योग बनने जा रहा है, जो 17 जून सुबह तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान बुधादित्य राजयोग का भी निर्माण होगा.

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ज्योतिष गणना के अनुसार 15 जून 2026 को एक विशेष खगोलीय संयोग बनने जा रहा है. इस दिन सूर्य, बुध और चंद्रमा एक साथ मिथुन राशि में प्रवेश कर त्रिग्रही योग का निर्माण करेंगे, जिसे ज्योतिष में बेहद प्रभावशाली माना जाता है.
 

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यह शुभ युति 15 जून से शुरू होकर 17 जून की सुबह 8 बजकर 13 मिनट तक प्रभावी रहेगी. यानी लगभग दो दिनों से थोड़ा अधिक समय तक यह ग्रहों का विशेष संयोग कई राशियों पर असर डाल सकता है.
 

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सूर्य और बुध के एक साथ आने से बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा. वहीं चंद्रमा की उपस्थिति इस योग को और अधिक प्रभावशाली बना देगी, जिससे कुछ लोगों को अचानक सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं.
 

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सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं, इसलिए इस राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है. नौकरी करने वालों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जबकि प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत भी बन सकते हैं. पारिवारिक रिश्तों में भी पहले से अधिक मधुरता आएगी.  न लाभ के संकेत बन रहे हैं. निवेश से जुड़े फैसले भी इस दौरान लाभकारी साबित हो सकते हैं.
 

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कन्या राशि के स्वामी बुध होने के कारण यह योग उनके लिए भी शुभ माना जा रहा है. साझेदारी में कारोबार करने वालों को लाभ मिल सकता है और नया काम शुरू करने की सोच रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा. मार्केटिंग, लेखन और डिजिटल क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफलता मिलने की संभावना है.
 

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तुला राशि के जातकों के लिए यह ग्रह योग रुके हुए कामों को गति दे सकता है. नौकरी या व्यापार से जुड़ी छोटी यात्राएं आगे चलकर आर्थिक फायदा पहुंचा सकती हैं. 
 

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क्योंकि यह युति मिथुन राशि में बन रही है, इसलिए इसका सबसे मजबूत असर मिथुन राशि के लोगों पर देखने को मिल सकता है. करियर में तरक्की, रुके हुए कार्यों की गति और धस्मत का साथ मिलने से लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने के योग बन रहे हैं.
 

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इस दौरान कुछ राशियों को मानसिक शांति महसूस हो सकती है. स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में राहत मिलने की संभावना है, वहीं धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर झुकाव भी बढ़ सकता है.

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