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अखिलेश यादव का निर्देश- रामचरितमानस या अन्य किसी धार्मिक मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं करेगी सपा

UP Political News: समाजवादी पार्टी (सपा) ने सोमवार से शुरू हो रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र को लेकर रविवार को सपा कार्यालय में बैठक…

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UP Political News: समाजवादी पार्टी (सपा) ने सोमवार से शुरू हो रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र को लेकर रविवार को सपा कार्यालय में बैठक बुलाई. मिली ताजा जानकारी के अनुसार, ये बैठक अब खत्म हो चुकी है. आपको बता दें कि समाजवादी पार्टी के विधायकों की डेढ़ घंटे चली इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महाचिव शिवपाल सिंह यादव और विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक मनोज पांडे ने अध्यक्षता की. डेढ़ घंटे चली बैठक के बाद बाहर निकले विधायकों ने कहा कि भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बढ़ते अपराध के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी सरकार को घेरने का काम करेगी. वहीं, यह भी पता चला है कि सपा चीफ अखिलेश यादव के निर्देश के बाद रामचरितमानस या अन्य किसी धार्मिक मुद्दे पर सपा कोई चर्चा नहीं करेगी.

 

आपको बता दें कि रामचरितमानस विवाद को लेकर सपा के भीतर कलह मच गई थी. सपा के कुछ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ खुलकर मैदान में आ गए थे. इनमें रोली मिश्रा और ऋचा सिंह ने जमकर मोर्चा खोल दिया था, जिसके बाद दोनों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. वहीं, सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा है कि रामचरितमानस विवाद को लेकर पार्टी में उठी बगावत के बाद अखिलेश ने ये निर्देश दिया है कि सपा रामचरितमानस या अन्य किसी धार्मिक मुद्दे पर सपा कोई चर्चा नहीं करेगी.

सपा नेता स्वामी मौर्य के बयान के बाद शुरू हुआ था ‘रामचरितमानस विवाद’

गौरतलब है कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने पिछले महीने 22 जनवरी को श्रीरामचरितमानस की एक चौपाई का जिक्र करते हुए कहा था कि उनमें पिछड़ों, दलितों और महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक बातें लिखी हैं, जिससे करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचती है. लिहाजा इस पर पाबंदी लगा दी जानी चाहिए.

मौर्य की इस टिप्पणी को लेकर काफी विवाद उत्पन्न हो गया था. साधु–संतों तथा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनकी कड़ी आलोचना की थी. उनके खिलाफ लखनऊ में मुकदमा भी दर्ज किया गया. उनके समर्थन में आए एक संगठन के कार्यकर्ताओं ने रविवार को श्रीरामचरितमानस के कथित आपत्तिजनक अंश की प्रतियां जलाई थीं.

6 साल बाद सपा कार्यालय पहुंचे शिवपाल यादव

आपको बता दें कि सपा में प्रसपा का विलय होने के बाद से शिवपाल सिंह यादव अपने पुराने अंदाज में नजर आ रहे हैं. शिवपाल यादव रविवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे. बताते चलें कि साल 2017 के बाद पहली बार शिवपाल यादव सपा कार्यालय पहुंचे. इस बैठक में सपा ने विधानसभा में योगी सरकार को घेरने की रणनीति को लेकर चर्चा करी.