Sambhal विधानसभा चुनाव 2027: 2024 की हिंसा के बाद बदला सियासी मिजाज, क्या सपा बचा पाएगी अपना 'अभेद्य किला' या खिलेगा कमल?
ADVERTISEMENT
संभल में 2024 की हिंसा के बाद 2027 विधानसभा चुनाव की चर्चाएं तेज हैं. क्षेत्र में सपा का कब्जा मजबूत है लेकिन बीजेपी भी दावेदारी कर रही है. जातीय समीकरण, विकास और जनता की समस्याएं चुनाव पर असर डालेंगी.
संभल: उत्तर प्रदेश की राजनीति में संभल विधानसभा सीट हमेशा से सुर्खियों में रही है, लेकिन 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के बाद अब 'संभल विधानसभा चुनाव 2027' राजनीतिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मथुरा और काशी के साथ-साथ संभल का नाम बार-बार लिए जाने के बाद इस क्षेत्र पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं. योगी सरकार ने यहां मंदिरों के विकास, तीर्थस्थलों के जीर्णोद्धार, परिक्रमा मार्ग के निर्माण और हिंसा प्रभावितों के पुनर्स्थापन के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं, जिसे भाजपा विकास के बड़े मॉडल के रूप में प्रचारित कर रही है.
