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मायावती के फैसले के बाद चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद को दिया खुला ऑफर, बोले- मेरी पार्टी में आ जाएं, मिलकर बाबा साहब का मिशन पूरा करेंगे

उत्तर प्रदेश की दलित राजनीति में आकाश आनंद को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है. नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने BSP नेता आकाश आनंद को अपनी पार्टी में शामिल होने का खुला न्योता दिया है.

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Chandrashekhar Azad On Akash Anand
Chandrashekhar Azad On Akash Anand (Photo AI Generated)
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Chandrashekhar Azad On Akash Anand: उत्तर प्रदेश की दलित राजनीति में आकाश आनंद को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है. नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने BSP नेता आकाश आनंद को अपनी पार्टी में शामिल होने का खुला न्योता दिया है. लखनऊ के इको गार्डन में पंचायत सहायकों के प्रदर्शन में पहुंचे चंद्रशेखर ने कहा कि आकाश उनके छोटे भाई जैसे हैं और अगर वह आजाद समाज पार्टी में आते हैं तो दोनों मिलकर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और बहुजन महापुरुषों के मिशन को आगे बढ़ाएंगे. चंद्रशेखर का यह बयान ऐसे समय आया है जब BSP में आनंद कुमार के बेटों को राजनीतिक पदों से दूर रखने को लेकर मायावती का ताजा बयान चर्चा में है.

चंद्रशेखर आजाद ने क्या कहा?

चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद को लेकर अपना रुख साफ करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद और पुरानी बयानबाजी अपनी जगह है, लेकिन उनके मन में आकाश के लिए छोटे भाई जैसा स्नेह है. उन्होंने आकाश को अपनी पार्टी में आने का निमंत्रण देते हुए कहा, 'आकाश आनंद मेरी पार्टी में आ जाएं, हम दोनों मिलकर बाबा साहब का मिशन पूरा करेंगे.' चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि आकाश भले ही राजनीतिक मंचों से उनकी आलोचना करते रहे हों, लेकिन इससे उनके बीच का व्यक्तिगत स्नेह खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने संकेत दिया कि बहुजन आंदोलन के बड़े उद्देश्य के सामने पुराने गिले-शिकवे बाधा नहीं बनेंगे.

चंद्रशेखर बोले- ‘BSP में मेरे लिए दरवाजे बंद हैं’

BSP से अपने रिश्ते को लेकर भी चंद्रशेखर आजाद ने खुलकर बात की. उन्होंने कहा, 'BSP में मेरे लिए दरवाजे बंद हैं, लेकिन आकाश आनंद के लिए दरवाजे खुले हैं.' उनके इस बयान को मायावती और BSP के मौजूदा रुख की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है. चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी बहुजन समाज के अधिकारों की लड़ाई और बाबा साहब के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जो भी नेता या कार्यकर्ता इस मिशन के साथ आगे आना चाहता है, आजाद समाज पार्टी उसके लिए अपने दरवाजे खुले रखेगी.

मायावती के बयान के बाद आकाश पर फिर बढ़ी नजर

चंद्रशेखर का यह न्योता 12 सितंबर को मायावती की ओर से जारी किए गए उस बयान के ठीक बाद आया है, जिसमें उन्होंने अपने भाई आनंद कुमार के परिवार की राजनीतिक भूमिका को लेकर बड़ा फैसला बताया था. मायावती ने कहा था कि आनंद कुमार के किसी भी बेटे को BSP में किसी छोटे-बड़े पद पर रहकर राजनीति करने का अवसर नहीं दिया जाएगा. उनका बयान ऐसे समय आया था जब आनंद कुमार के बेटे ईशान आनंद को पार्टी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा थी. वहीं आकाश आनंद के पार्टी से दूरी बनाने के बाद भी BSP में परिवार की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे थे.

मायावती ने बेटों को लेकर क्या कहा था?

मायावती ने अपने बयान में कहा था कि अविवाहित होने के कारण उन्हें अपनी देखभाल के लिए अपने छोटे भाई आनंद कुमार को साथ रखना पड़ा और उन्होंने लंबे समय से पार्टी की अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं. हालांकि, मायावती के मुताबिक अब उनके परिवार के लोगों को इसका राजनीतिक लाभ मिलना पार्टी और आंदोलन के हित में उचित नहीं होगा. इसी संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था, 'अब इनके ख़ासकर किसी भी बेटे को बी.एस.पी. में किसी भी छोटे-बड़े पद पर बने रहकर राजनीति करने का मौका नहीं दिया जायेगा.' 

पंचायत सहायकों के प्रदर्शन में पहुंचे थे चंद्रशेखर

चंद्रशेखर आजाद लखनऊ के इको गार्डन में पंचायत सहायकों के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे. प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए पंचायत सहायक कई दिनों से मानदेय बढ़ाने और सेवा से जुड़ी दूसरी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं. तेज धूप से बचने के लिए कई प्रदर्शनकारी छाता लेकर धरना स्थल पर पहुंचे. चंद्रशेखर के वहां पहुंचते ही समर्थकों में उत्साह दिखाई दिया और कुछ समर्थक उन्हें देखने के लिए पेड़ पर भी चढ़ गए. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखा जाएगा.

पंचायत सहायकों को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने उनके आंदोलन को समर्थन देने की बात कही. उन्होंने कहा, 'जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, हमारे भाई किसी की मांग नहीं भरेंगे.' पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगों में मानदेय बढ़ाना और सेवा से जुड़ी अन्य समस्याओं का समाधान शामिल है. चंद्रशेखर के आकाश आनंद को दिए गए खुले न्योते ने इसी कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से भी अहम बना दिया है. अब देखना होगा कि आकाश आनंद इस न्योते पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं.