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जब रात में दरवाजे पर हुई दस्तक और बदल गई ‘किस्मत’, किस्सा मायावती का

साल 1977. सर्दियों की एक रात, 9 बजे के बाद का वक्त. IAS अधिकारी बनने की चाह रखने वाली एक 21 साल की स्कूल टीचर…

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साल 1977. सर्दियों की एक रात, 9 बजे के बाद का वक्त. IAS अधिकारी बनने की चाह रखने वाली एक 21 साल की स्कूल टीचर खाना खाने के बाद आधी रात तक पढ़ाई करने वाली थी. घर के बाकी लोग सोने की तैयारी में थे. इसी बीच किसी ने जोर से घर का दरवाजा खटखटाया.