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नहीं पता था कि इतनी नपुंसक है अलीगढ़ पुलिस…जिस ट्रैफिक इंस्पेक्टर को पीटा गया वो ये बोले

अलीगढ़ जिले में एक ट्रैफिक इंस्पेकटर कमलेश यादव पर हुए कथित हमले के आरोप में गुरुवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया. ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने कहा, “जब तक मेरी नौकरी रहेगी तब तक मैं याद रखूंगा कि इंस्पेक्टर और सीओ के सामने मेरी हालत हुई है.’

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Aligarh News: अलीगढ़ जिले में एक ट्रैफिक इंस्पेकटर कमलेश कुमार पर हुए कथित हमले के आरोप में गुरुवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम को बन्नादेवी थाना क्षेत्र के रसलगंज में वाहनों की जांच के दौरान पुलिस ने एक व्यक्ति को पकड़ा था, जो नियमों का उल्लंघन कर तेज आवाज वाला साइलेंसर लगाकर मोटरसाइकिल चला रहा था. पुलिस ने बताया कि जब यातायात पुलिस मोटरसाइकिल के मालिक पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया में थी, तो उसने यह दावा करते हुए पुलिस टीम को धमकाने की कोशिश की कि वह सत्ताधारी पार्टी का सदस्य है.

पुलिस के मुताबिक इस विवाद की खबर फैलते ही प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह मौके पर एकत्र हो गया और उनकी पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई. इस के दौरान कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रैफिक इंस्पेकटर की पिटाई कर दी और जीटी रोड पर यातायात अवरुद्ध कर दिया.

ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने कहा, “जब तक मेरी नौकरी रहेगी तब तक मैं याद रखूंगा कि इंस्पेक्टर और सीओ के सामने मेरी हालत हुई है. मुझ पर झूठे इल्जाम लगाए जा रहे हैं कि मैंने शराब पी, लेकिन मैंने आज तक शराब की एक बूंद नहीं पी. ये मेरी हालत की गई इन लोगों की मौजूदगी में. मुझे नहीं पता था कि इतनी नपुंसक पुलिस है अलीगढ़ की. मेरे साथ मारपीट की गई, मेरे कपड़े फाड़े, मेरा खून निकल आया.”

वहीं, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिस ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने मोटरसाइकिल मालिक पर जुर्माना लगाया था, वह नशे में था और उसने कथित दुर्व्यवहार किया था. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा व्यवस्था बहाल करने तक लगभग एक घंटे तक रास्ता जाम रहा.

आपको बता दें कि पुलिस ने बाद में विशाल गुप्ता, सोनू और 12 अन्य अज्ञात व्यक्तियों पर ड्यूटी पर पुलिस निरीक्षक पर हमला करने का मामला दर्ज किया. इनमें से विशाल और सोनू को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया.