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अस्पताल पहुंचने से पहले ही खामोश हो गई उर्मि की धड़कनें! परिजनों के दावों पर पुलिस की अपनी सफाई

अलीगढ़ में बुखार से पीड़ित 6 साल की उर्मि की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई. परिजनों ने जाम में फंसने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने दावे को खारिज करते हुए अपनी सफाई दी है.

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Aligarh News: अलीगढ़ जिले में कन्हैया लाल अनाज मंडी में मजदूरी करते हैं. उनकी 6 साल बच्ची उर्मी कुछ समय से तेज बुखार से पीड़ित थी. बुधवार यानी 2 सितंबर को जब उर्मि की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो उसके चाचा उसे बाइक से लेकर  अस्पताल के लिए निकले. मगर उर्मि की मौत हो गई. उर्मि के घरवालों का आरोप है कि टेंटी गांव तिराहे और खैर कस्बे के बीच भारी जाम लगा हुआ था. वे इस जाम में करीब एक घंटे तक फंसे रहे और इसी कारण उर्मि की जान चली गई. वहीं, दूसरी तरफ पुलिस ने इस दावे को भ्रामक बताया है. 

मृतका के चाचा ने क्या कहा?

भतीजी उर्मि की मौत के बाद उसके चाचा वीरपाल ने अपनी बात सामने रखी है. उन्होंने कहा कि वे अपनी भतीजी को इलाज के लिए खैर स्थित CHC ले जा रहे थे. रास्ते में भारी जाम मिला. जाम से बचने के लिए वह गलियों के रास्ते निकले, जिसमें एक घंटे से ज्यादा समय लग गया. जैसे ही परिजन को उर्मि को लेकर अस्पताल पहुंचे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषत कर दिया.

पुलिस ने कहा- ये दावा भ्रामक

खैर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर जाम में फंसने की खबर का खंडन किया है. बकौल पुलिस, बच्ची 28 अगस्त से बीमार थी. 2 सितंबर को हालत बिगड़ने पर परिजन उसे डॉ. अशोक और फिर मोहिनी अस्पताल ले गए. यहां से रिफर किए जाने पर वे सीएचसी खैर पहुंचे.

पुलिस का दावा है कि पिता और चाचा ने स्पष्ट किया कि वे मोटरसाइकिल से श्रीराम कॉलेज और करबन नदी पुल के रास्ते गए थे और कहीं भी जाम में नहीं फंसे. पुलिस के मुताबिक, मौत गंभीर बीमारी और तेज बुखार के कारण हुई है, न कि जाम में फंसने से.

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