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‘PhD इंटरव्यू में बिना सवाल पूछे फेल कर दिया’, मेरठ में गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा का यूनिवर्सिटी पर आरोप

उस्मान चौधरी

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Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut News) में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, यहां गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर खुद को फेल करने का आरोप लगाया है. मेरठ में एक गोल्ड मेडलिस्ट और दो बार नेट परीक्षा पास छात्रा ने सीसीएस यूनिवर्सिटी प्रशासन पर PhD में दाखिले के लिए इंटरव्यू में बिना सवाल किए ही फेल करने का आरोप लगाया है. छात्रा का कहना है कि जब उसने सिलेक्शन लिस्ट देखी तो उसमें उसका नाम नहीं था. बाद में छात्रा को पता चला कि उसके इंटरव्यू में कम अंक हैं. जबकि छात्रा का कहना है कि उसे कोई सवाल ही नहीं पूछा गया.

गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा का यूनिवर्सिटी पर आरोप

दरअसल, वर्ष 2019 में इतिहास में सर्वाधिक अंक पाते हुए दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति के हाथों गोल्ड मेडल पाने वाली छात्रा हिमानी पाल ने पीएचडी करने के लिए मेरठ की सीसीएस यूनिवर्सिटी से फॉर्म भरा था. हिमानी का कहना है कि उसने पीएचडी के लिए आवेदन किया था लेकिन जब रिजल्ट देखा तो वह चौक गई. उसका नाम सूची में नहीं था जिसके बाद वह मंगलवार को कैंपस पहुंची तो बताया गया कि उसके इंटरव्यू में कम अंक हैं. छात्रा का कहना है कि इंटरव्यू पैनल में उससे एक भी सवाल नहीं पूछा.

यूनिवर्सिटी ने कही ये बात

छात्रा ने कहा वो दो बार नेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकी है. विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट है, आखिर यह कैसे संभव हो सकता है. इस मामले में सीसीएस यूनिवर्सिटी ओर से एक कमेटी बनाई गई जिसने पाया की हिमानी को 22 अंक दिए गए थे लेकिन हिमानी जांच समिति की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है. वहीं यूनिवर्सिटी के प्रशासन का कहना है कि छात्रा ने रजिस्ट्रार से शिकायत की जिसके बाद रजिस्ट्रार के द्वारा इस पर जांच समिति बनाई गई थी. जांच समिति ने इतिहास विभाग में जाकर जांच की जिसमें पाया की छात्रा को 22 नंबर इंटरव्यू में मिले हैं.

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सीसीएस यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि जहां तक छात्रा के आरोपों का सवाल है कि उससे कोई सवाल नहीं किया गया इंटरव्यू के लिए तीन लोग बाहर से आते हैं और दिन भी वही रहते हैं, HOD भी वही होता है ऐसा पॉसिबल नहीं कि किसी ने कुछ सवाल ही न किया हो. 

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