गाजीपुर में दबंगों ने युवक के कंधे में मारी गोली, पुलिस ने बताया इसे मारपीट, अब हुआ ये एक्शन

विनय कुमार सिंह

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Ghazipur News: गाजीपुर सदर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है. पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले को महज मारपीट की घटना में दर्ज किया है. आरोप है कि युवक को गोली मारने की इस घटना में पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण तक कराने की जहमत नहीं उठाई. गोली लगने से घायल युवक एक हफ्ते तक न्याय की गुहार लगाता रहा. आरोप के अनुसार, गाजीपुर सदर कोतवाल पीड़ित और उसके परिजनों को थाने से दुत्कार कर भगाते रहे. एक हफ्ते बाद जब पीड़ित युवक और उसके परिजन गाजीपुर के भाजपा एमएलसी विशाल सिंह “चंचल” के कार्यालय पर न्याय की फरियाद लेकर पहुंचे, तो एमएलसी के कहने बाद सदर कोतवाली के प्रभारी और सीओ सिटी ने युवक को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया. यहां युवक का ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने उसके बाएं कंधे में धंसी गोली निकाली. इस मामले में एसपी ओमवीर सिंह ने सदर कोतवाल तेजबहादुर सिंह और चौकी इंचार्ज अभिषेक सिंह को निलंबित कर दिया है.

अब जानिए पूरा मामला?

आपको बता दें कि पूरा मामला गाजीपुर सदर कोतवाली क्षेत्र के तुलसीसागर मुहल्ले का है. यहां के रहने वाले युवक आलोक बलवंत को पिछले 11 सितंबर को मामूली विवाद में दबंगों ने गोली मार दी, जो उसके बाएं कंधे में लगी. घटना के बाद पीड़ित और उसके परिजनों ने स्थानीय पुलिस से शिकायत की. थाने पहुंचे पीड़ित के केस को हत्या के प्रयास के बजाय महज मामूली मारपीट में दर्ज किया गया. पीड़ित के बार-बार कंधे में गोली लगने की बात कहने के बावजूद पुलिस अपनी मनमर्जी पर डटी रही और गोली लगने की बात को नकारती रही.

पुलिस ने पीड़ित का मेडिकल कराने तक की जरूरत नहीं समझी. आरोप है कि पीड़ित और उसके परिजनों के जोर देने पर कोतवाल ने उन्हें थाने से डांटकर भगा दिया. स्थानीय स्तर पर युवक ने प्राइवेट अस्पताल में अपने घाव की मरहम पट्टी कराई, लेकिन गोली नहीं निकली. युवक ने जब कंधे का एक्स-रे कराया, तो कंधे में गोली फंसी मिली. युवक ने फिर पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन गाजीपुर कोतवाली पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की.

ऐसे में पीड़ित युवक और उसके परिजन 17 सितंबर को एमएलसी विशाल सिंह चंचल से उनके कार्यालय पर जनता दर्शन में जाकर मिले और अपनी आपबीती बताई. इसके बाद एमएलसी विशाल सिंह ने कोतवाल और सीओ सिटी को फौरन अपने ऑफिस तलब किया. यहां पर सीओ सिटी ने पीड़ित की एक्सरे की कॉपी देखी. वहीं एमएलसी ने इस मामले को लेकर दोनों को कड़ी फटकार लगाई.

मामला एमएलसी के संज्ञान में आने के बाद पुलिस हरकत में आई और पीड़ित युवक को मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर कंधे में धंसी गोली निकाली, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. जिस युवक को पुलिस महज मारपीट में मामूली घायल बता कर मामले की लीपापोती में जुटी हुई थी. उसी युवक के कंधे से गोली निकलने के बाद पुलिस अफसरों के हाथ पांव फूल गए.

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पुलिस की इस बड़ी लापरवाही और मनमाने रवैये से एक हफ्ते तक युवक के जिस्म में पिस्टल की गोली धंसी रही और वो दर्द से बेहाल रहा. मगर पुलिस अपनी मनमानी करती रही, जबकि गोली जिस्म में धंसी रहने से उसकी जान पर लगातार खतरा बना हुआ था.

एसपी ने लिया ये एक्शन

फिलहाल इस मामले की जानकारी होते ही एसपी ओमवीर सिंह ने आनन-फानन में सदर कोतवाल तेजबहादुर सिंह और चौकी इंचार्ज अभिषेक सिंह को निलंबित कर दिया. जबकि आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है. पूरे मामले में शुरू से ही स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है. पीड़ित और उसके पिता के अनुसार घायल युवक कुछ लड़कों के साथ मोबाइल पर कॉलोनी में पब जी खेल रहा था तभी दो युवक आए और गोली मार दी थी, फिलहाल दो बदमाशों के खिलाफ नामजद एफआईआर भी दर्ज हो गई है.

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