रामपुर: मुस्लिम धर्मगुरुओं का ऐलान- 'इस बार सड़कों पर नहीं पढ़ी जाएगी अलविदा की नमाज'

रामपुर: मुस्लिम धर्मगुरुओं का ऐलान- 'इस बार सड़कों पर नहीं पढ़ी जाएगी अलविदा की नमाज'
फोटो कोलाज: यूपी तक

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक आयोजन को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ की तरफ से जारी निर्देश के बाद रामपुर में रमजान महीने के आखिरी शुक्रवार को होने वाले अलविदा की नमाज इस बार सड़कों पर नहीं पढ़ी जाएगी. प्रशासन से बातचीत करने के बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं ने इस संबंध में यह घोषणा की है.

जामा मस्जिद के इमाम मोहम्मद अब्दुल वहाब खान ने बताया, "हमारे यहां रामपुर के अंदर अरसेदराज से अलविदा और ईद की नमाज सड़कों पर होती आई है. यह पुरानी रिवायत है. पुरानी कदीम में यह मामला चला आ रहा है क्योंकि अब मौजूदा हालात इल्म में है तो उसको देखते हुए उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट ने यह फैसला लिया है कि अब अलविदा और ईद की नमाज सड़कों पर नहीं होगी."

उन्होंने आगे कहा, "अलविदा की नमाज जामा मस्जिद के अंदर ही होगी और ईद की नमाज ईदगाह के अंदर ही होगी. इस सिलसिले में हमारी जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी की मुलाकात भी हुई है. इस संबंध में सीओ साहब, कोतवाल साहब और सिटी मजिस्ट्रेट साहब से बातचीत हुई है. हजरत किबला काजी हजरत सैयद खुशनूद मियां ने भी इस पर यही फैसला लिया है."

अब्दुल वहाब खान ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से मस्जिद के अंदर ही नमाज करने की अपील की है.

वहीं जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कहा, "लगातार यह प्रसारित किया जा रहा है कि सड़क पर बैठकर किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों को नहीं अंजाम दिया जाएं. पिछले दिनों हमने कप्तान साहब से इस संंबंध में बैठक की थी. इसे लेकर पूरे प्रदेश में गृह विभाग से आदेश आए थे कि सभी धर्मगुरुओं को सूचित किया जाए कि सड़कों पर किसी दशा में कोई धार्मिक गतिविधियां न की जाएं, तो उसी को लेकर शहर काजी साहब, जामा मस्जिद के इमाम साहब समेत सभी धर्मगुरुओं से बातचीत की गई है."

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