प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी और सड़कों पर नमाज... बकरीद से पहले फिरोजाबाद में ASP अनुज चौधरी ने दी चेतावनी!
Firozabad News: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में आगामी बकरीद और गंगा दशहरा पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है. शिकोहाबाद में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनुज चौधरी ने सड़कों पर फुट मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.
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ASP Anuj Chaudhary Instructions On Bakrid: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में आगामी बकरीद और गंगा दशहरा पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है. शिकोहाबाद में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनुज चौधरी ने सड़कों पर फुट मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. इसके बाद शिकोहाबाद थाने में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें थाना शिकोहाबाद, एका, मक्खनपुर और जसराना क्षेत्र के धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि, व्यापारी और शांति समिति के सदस्य शामिल हुए.
सड़क नमाज पर रोक निर्देश
बैठक के दौरान अधिकारियों ने सभी लोगों से त्योहारों को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में मनाने की अपील की. एसपी ग्रामीण अनुज चौधरी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी किसी भी स्थिति में नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं होगी. इसके साथ ही कुर्बानी से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर लाइव करने या पोस्ट करने से भी बचने की सलाह दी गई.
सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नजर
प्रशासन ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ या धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. बैठक के बाद पुलिस अधिकारियों ने नगर क्षेत्र में पैदल गश्त की और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया. साथ ही आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया. प्रशासन का कहना है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है और त्योहारों के दौरान संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी.
पुराने बयानों के कारण भी चर्चा में रहें हैं अनुज चौधरी
इससे पहले पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी कुछ महीने पहले एक शांति समिति की बैठक के दौरान अपने बयान को लेकर काफी चर्चा में आ गए थे. उन्होंने कहा था कि होली साल में एक बार आती है, जबकि जुमा साल में 52 बार आता है. उन्होंने आगे यह भी कहा था कि अगर आप सेवई परोसना चाहते हैं, तो आपको भी गुजिया का सम्मान करते हुए उसे स्वीकार करना चाहिए.
