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कानपुर में 14 यूनिवर्सिटी के नाम पर दी जा रही थी फेक मार्कशीट, डिग्री... जालसाजी का ये नेटवर्क आपको हैरान कर देगा

Kanpur Fake Degree Racket: कानपुर पुलिस ने 9 राज्यों में फैले एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो ₹50,000 से ₹2.5 लाख तक लेकर फर्जी डिग्रियां बेचता था. 14 यूनिवर्सिटी की 900+ मार्कशीट बरामद. देखिए पूरी रिपोर्ट.

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कानपुर पुलिस ने शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे एक बहुत बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है. यहां बिना परीक्षा दिए ही डिग्रियां और मार्कशीट बेची जा रही थीं. पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. आपको बता दें कि कानपुर के किदवई नगर में 'शल ग्रुप ऑफ एजुकेशन' (Shell Group of Education) के नाम से एक ऑफिस खोलकर यह पूरा रैकेट चलाया जा रहा था.  इस गिरोह का जाल भारत के 9 राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश आदि) तक फैला हुआ था. 

यह गिरोह देश के 14 विश्वविद्यालयों के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार कर रहा था. 

डिग्रियों के लिए 'रेट कार्ड'

बिना किसी औपचारिकता या परीक्षा के डिग्री देने के लिए गिरोह ने निश्चित रेट तय कर रखे थे:

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बीटेक और एलएलबी: ₹1.5 लाख
डी फार्मा: ₹2.5 लाख
ग्रेजुएशन: ₹75,000
हाई स्कूल और इंटर: ₹50,000 से ₹75,000 तक

पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल के अनुसार, छापेमारी के दौरान 900 से अधिक फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट बरामद हुए हैं. मुख्य सरगना शैलेंद्र कुमार ओझा सहित चार लोगों को पकड़ा गया है, जबकि पांच अन्य अभी फरार हैं. पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति और वाहनों की भी पहचान की है और उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पूछताछ में मंगलायतन यूनिवर्सिटी, श्री कृष्णा यूनिवर्सिटी और सुभारती यूनिवर्सिटी जैसी संस्थाओं के नाम सामने आए हैं. पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने ये फर्जी डिग्रियां खरीदी थीं.