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चूहे को बाइक से कुचल कर मारने पर नोएडा में अरेस्ट हुआ जैनुद्दीन? जानिए नियम क्या कहता है

यूपी तक

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Noida News: गौतमबुद्ध नगर से एक खबर वायरल हो रही है. इसमें दावा किया जा रहा है कि नोएडा के मामूरा के एक युवक जैनुद्दीन ने अपनी बाइक से बेरहमी से कुचलकर चूहे को मार डाला. इस हरकत का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. दावे के मुताबिक इसमें युवक चूहे को कुचलता दिख रहा है. बाद में युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इसे लेकर जब सोशल मीडिया पर सवाल हुए, तो गौतमबुद्ध नगर की पुलिस ने साफ किया कि युवक को वायरल दावे के मुताबिक नहीं बल्कि शांति भंग करने के आरोप में अरेस्ट किया गया है.

पुलिस के मुताबिक आरोपी युवक बिरयानी बेच रहा था. इस दौरान वह ग्राहकों से रुपयों को लेकर विवाद कर रहा था. पुलिसकर्मियों ने उसे समझाया मगर वह भड़कने लगा. इसके बाद पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ धारा-151 के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया और चालान की कार्रवाई की.

हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं, जिसमें कथित तौर पर चूहे को लेकर हुई क्रूरता का जिक्र हुआ हो. पिछले दिनों बदायूं से भी एक मामला सामने आया था. यहां भी चूहा मारने के आरोप में एक युवक पर केस दर्ज हुआ. बाद में चूहे का पोस्टमॉर्टम भी कराया गया. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि क्या चूहे मारने पर गिरफ्तारी हो सकती है? क्या यह अपराध है? इसके पीछे का नियम क्या कहता है?

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पशू क्रूरता में फंसे तो नप जाएंगे आप! यहां जान लीजिए नियम

असल में पशुओं पर की गई क्रूरता आपपर भारी पड़ सकती है. भारत में पशुओं के संरक्षण और उनकी सुरक्षा के लिए बकायदा कानून बनाया गया है. इसे जानने के लिए हमने Brad से संपर्क साधा. अब आप पूछेंगे कि Bard क्या है? असल में ये Google का कंवर्सेशनल AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) है, जो आपसे बात कर सकता है और आपके सवालों के जवाब दे सकता है. ये एक चैटबॉट की तरह काम करता है और अभी इसे लगातार डेवलप किया जा रहा है.

खैर, तो हमने Bard से पूछा कि ये बताओ कि, ‘भारत में पशुओं पर क्रूरता को लेकर नियम क्या कहता है? इस मामले में कितनी सजा हो सकती है?’ हमने हिंदी में सवाल पूछा, तो Bard ने हिंदी में ही जवाब दिया. यहां नीचे आप उस जवाब को पढ़ सकते हैं. Bard ने लिखा…

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भारत में पशुओं पर क्रूरता को लेकर नियम काफी सख्त हैं. पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत पशुओं पर क्रूरता करने के लिए सजा का प्रावधान है. इस अधिनियम के तहत किसी भी व्यक्ति को पशुओं पर क्रूरता करने के लिए दोषी पाया जाता है, उसे 3 साल तक की सजा और 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.

पशुओं पर क्रूरता के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं:

– पशुओं को मारना या प्रताड़ित करना
– पशुओं को भूखा या प्यासा रखना
– पशुओं को चोट पहुंचाना या अनावश्यक रूप से दर्द देना
– पशुओं को काम पर लगाना, जबकि वे बीमार या घायल हों
– पशुओं को मनोरंजन के लिए इस्तेमाल करना

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यदि आप किसी को पशुओं पर क्रूरता करते हुए देखते हैं, तो आप तुरंत पुलिस को सूचित कर सकते हैं. आप पशु कल्याण संगठनों को भी सूचित कर सकते हैं. पशु कल्याण संगठन पशुओं को बचाने और उन्हें एक सुरक्षित आश्रय प्रदान करने में मदद करते हैं.

ऐसे में अब आप शायद समझ गए होंगे कि पशुओं पर क्रूरता का कोई मामला सार्वजनिक होता है, तो सजा क्यों मिलती है.

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