राम मंदिर में सुपर स्ट्रक्चर की शुरुआत जल्द, जानें और कहां तक पहुंचा निर्माण काम

हिमांशु मिश्रा

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अयोध्या में श्री राम मंदिर, गर्भ गृह और 5 मंडपों वाला 3 मंजिला मंदिर का निर्माण कार्य निर्धारित समय के अनुसार चल रहा है. फरवरी 2022 में शुरू हुआ ग्रेनाइट पत्थर के साथ प्लिंथ का निर्माण अगस्त 2022 तक पूरा करने की योजना है. प्लिंथ के निर्माण में 5 फीट x 2.5 फीट x 3 फीट आकार के लगभग 17,000 पत्थरों का उपयोग किया जाएगा. प्रमाणित और परखी गुणवत्ता वाला ग्रेनाइट पत्थर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से खरीदा जा रहा है. भारतीय कंटेनर निगम और रेल मंत्रालय ने ग्रेनाइट को अयोध्या तक तेजी से पहुंचाने में पूरा सहयोग दिया है.

मंदिर के सुपर स्ट्रक्चर पर राजस्थान बंसी पहाड़पुर का पत्थर उकेरा जाएगा. नक्काशी का काम शुरू हो चुका है. अब तक लगभग 75,000 सीएफटी पत्थर की नक्काशी पूरी हो चुकी है. मंदिर में अकेले सुपर स्ट्रक्चर के लिए कुल आवश्यकता लगभग 4.45 लाख सीएफटी पत्थर है. प्लिंथ के चरणबद्ध तरीके से पूरा होने के साथ ही अंतिम सुपर स्ट्रक्चर का निर्माण जल्द ही शुरू हो जाएगा.

​परियोजना निगरानी सलाहकार और निर्माण एजेंसियों के साथ विस्तृत तकनीकी चर्चा के बाद, जमीन के नीचे सादे सीमेंट कंक्रीट, ग्रेनाइट पत्थर की परतों, मिर्जापुर पत्थर की परतों और ग्रेनाइट द्वारा अंतिम टॉपिंग के उपयोग के साथ निचली प्लिंथ के डिजाइन और ड्राइंग को भी अंतिम रूप दिया गया. लोअर प्लिंथ पर निर्माण कार्य 1 जून 2022 तक शुरु किया जाएगा. योजना के अनुसार परकोटा की नींव का डिजाइन और ड्राइंग भी तकनीकी जांच के अंतिम चरण में है. तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकल्पों की जांच की जा रही है.

एक अन्य महत्वपूर्ण गतिविधि तीर्थयात्रा सुविधा केंद्र से संबंधित कार्य है. केंद्र की व्यापक रूपरेखा को इस समझ के साथ अंतिम रूप दिया जा रहा है कि यह तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ एक मॉड्यूलर जोड़ प्रदान करेगा. तदनुसार, परिसर के भीतर उपयोगिता सेवाओं की योजना बनाई गई है.

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राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन राम मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. सड़कों, रेलवे ओवर ब्रिज, पानी और सीवेज, मिनी स्मार्ट सिटी सहित होटलों के लिए एक मास्टर प्लान को स्थानीय प्रशासन का सर्वोच्च विचार प्राप्त हो रहा है.

नृपेंद्र मिश्रा, अध्यक्ष, निर्माण समिति ने अयोध्या में हितधारकों, मेसर्स लार्सन एंड टुब्रो, मैसर्स टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स, मेसर्स बी सोमपुरा आर्किटेक्ट और मैसर्स डिजाइन एसोसिएट्स के साथ उपयोगी समीक्षा बैठकें कीं. निर्माण समिति-न्यास के सदस्यों, स्वामी गोविंददेव गिरि जी महाराज, चंपत राय, विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा और डॉ अनिल मिश्रा ने समीक्षा बैठकों के दौरान सक्रिय रूप से मार्गदर्शन प्रदान किया.

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