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इकबाल अंसारी ने लड़ी थी बाबरी की लड़ाई, राम मंदिर उद्घाटन वाले उनके निमंत्रण पत्र में लिखी है ये बात

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में वादी रहे इकबाल अंसारी को शुक्रवार को 22 जनवरी को मंदिर के गर्भगृह में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का न्योता मिला.

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Ram Mandir Update: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में वादी रहे इकबाल अंसारी को शुक्रवार को 22 जनवरी को मंदिर के गर्भगृह में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का न्योता मिला. अंसारी ने कहा कि वह भव्य समारोह में शामिल होंगे. बता दें कि 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे. इसके बाद 70 एकड़ में फैले इस मंदिर को भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा.

इकबाल अंसारी ने बताया , “यह अयोध्या नगरी है, यह धर्म की नगरी है, यहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के देवी-देवता विराजमान हैं. अयोध्या के हिंदू और मुसलमानों के बीच भाईचारा और एकता है और कोई असहजता नहीं है. चाहे वह मंदिर हो, मस्जिद हो या गुरुद्वारा, कोई भेदभाव नहीं है. अयोध्या आने वालों के मन में समरसता का भाव है.”

इकबाल अंसारी की बेटी शमा परवीन ने बताया कि आमंत्रण पत्र रामपथ के नजदीक कोटिया पंजीटोला स्थित आवास पर उनके पिता को दिया गया. आमंत्रण पर उनका नाम हिंदी में लिखा है – ‘‘श्री इकबाल अंसारी जी, अयोध्या (अवध प्रांत)’’. यह आमंत्रण पत्र उन्हें मंदिर ट्रस्ट के एक प्रतिनिधि ने दिया है. इकबाल अंसारी ने कि मुस्लिम समुदाय 2019 में राम मंदिर पर आए उच्चतम न्यायालय के फैसले का सम्मान करता है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के बारे में पूछे जाने पर अंसारी ने कहा, “प्रधानमंत्री के कार्यकाल में हमें ‘सबका साथ, सबका विकास’ का व्यवहार में देखने को मिल रहा है…मैं उन्हें अयोध्या के ‘विकास’ के लिए बधाई दूंगा.” उन्होंने कहा, “चूंकि, हम पहले भी ‘मठ-मंदिर’ जाते रहे हैं, और आज भी जाते हैं…मुझे ‘भूमिपूजन’ समारोह में भी आमंत्रित किया गया था, और अब ‘प्राण प्रतिष्ठा’ होने जा रही है, और मुझे उस (समारोह) में आमंत्रित भी किया गया है.” अंसारी ने कहा, “मैं कार्यक्रम में जाऊंगा.

गौरतलब है कि अंसारी के पिता हाशिम अंसारी अपने निधन तक अयोध्या मामले में मुख्य वादियों में से एक थे. उनकी मृत्यु 2016 में 94 साल की उम्र में हो गई थी. उनकी मृत्यु के बाद इकबाल अंसारी ने मुकदमा लड़ा.

(भाषा के इनपुट्स के साथ)