नरेंद्र गिरि केस: वे 5 नंबर और फेसटाइम डाटा, आनंद गिरि के किस ‘राज’ की खोज में CBI?

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महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में आनंद गिरि समेत तीनों आरोपी सीबीआई की रिमांड पर हैं. अब तक की जांच और पूछताछ में सीबीआई इस पूरे मामले को कथित तौर पर आत्महत्या के रूप में ही देख रही है. रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में आनंद गिरि ने किसी भी वीडियो या फोटो से ब्लैकमेल करने के आरोप को खारिज किया है. फिलहाल सीबीआई आनंद गिरि के आईफोन से डेटा रिकवर करने में लगी है. सीबीआई ने महंत नरेंद्र गिरि के ‘बाजू अनंत’ और ‘माला’ को भी सील कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है.

गुरु से रिश्ते को लेकर आनंद गिरि से हुई पूछताछ

सीबीआई ने आनंद गिरी के पूछताछ की शुरुआत गुरु नरेंद्र गिरि से उनके रिश्ते को लेकर की है. सीबीआई जानना चाह रही हैकि कैसे दोनों के रिश्ते में दरार आई? इस बीच आनंद गिरि ने गुरु पूर्णिमा के दिन हुए गुरु शिष्य के बीच समझौते की पूरी कहानी विस्तार से सीबीआई को बताई है. आनंद गिरि से हुई पूछताछ के बाद अब सीबीआई उन लोगों से भी पूछताछ कर सकती है, जो इस समझौते के वक्त मौजूद थे.

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सीबीआई ने नरेंद्र गिरि और आनंद गिरि की कॉल डिटेल में पांच ऐसे भी नंबर निकाले हैं, जिनसे दोनों की बात हो रही थी. कॉल डिटेल में हरिद्वार के एक बिल्डर की आनंद गिरि और नरेंद्र गिरि से बातचीत सामने आई है. हालांकि आनंद गिरि का कहना है कि वह हरिद्वार में बन रहे अपने आश्रम के चलते उससे बात करते थे.

सीबीआई आनंद गिरी के दो नंबरों की कॉल डिटेल को खंगाल रही है. इसके साथ वॉट्सऐप और आईफोन के फेसटाइम का डाटा भी रिकवर करने की कोशिश की जा रही है. सीबीआई को शक है कि कहीं आनंद गिरि फेसटाइम के जरिए भी तो कुछ खास लोगों से संपर्क में नहीं थे.

आनंद गिरि का दावा, माफी मांगने के बाद नहीं आया प्रयागराज

अब तक की पूछताछ में आनंद गिरि ने सीबीआई को बताया है कि वह तो माफी मांगने के बाद से गुरु नरेंद्र गिरि से दूर हो गए थे. उन्होंने बताया कि तबसे वह दोबारा प्रयागराज नहीं आए थे. आनंद गिरि का आरोप है कि कुछ लोगों ने मठ की बेशुमार संपत्ति को हड़पने के लिए उन्हें नरेंद्र गिरि से दूर करने की साजिश रची.

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आद्या तिवारी ने सीबीआई को क्या-क्या बताया? सीबीआई की दूसरी टीम आद्या तिवारी से पूछताछ कर रही है. आद्या तिवारी ने सीबीआई को बताया है कि सालों की मेहनत के बाद भी बड़े महाराज (नरेंद्र गिरि) ने कभी उन पर ध्यान नहीं दिया. आनंद गिरि जब लेटे हनुमान मंदिर की देखरेख करने आए, तब से आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी का ध्यान रखा जाने लगा. आद्या तिवारी ने दावा किया है कि नरेंद्र गिरि कुछ लोगों के बहकावे में आकर आनंद गिरि पर शक करने लगे थे. आद्या तिवारी ने बताया है कि उन्हें दोनों के बीच के किसी संपत्ति विवाद की कोई जानकारी नहीं है.

ऐसी भी जानकारी मिली है कि सीबीआई कुछ अन्य लोगों को भी नोटिस देकर पूछताछ करेगी. ये वे लोग हैं, जो नरेंद्र गिरि और आनंद गिरि, दोनों के ही करीबी थे. इनमें समझौते के वक्त शामिल एक पुलिस अधिकारी व दो स्थानीय नेता भी शामिल हैं.

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