कालकाजी मंदिर में 15 साल से सेवादार रहे हरदोई के योगेंद्र सिंह को मारने वाला अतुल पांडे गोरखपुर का निकला
दिल्ली के कालकाजी मंदिर में 'प्रसाद' को लेकर हुए विवाद में एक सेवादार योगेंद्र सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. जानें इस मामले में गोरखपुर के मुख्य आरोपी अतुल पांडे सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की पूरी खबर.
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दिल्ली के मशहूर कालकाजी मंदिर में 'प्रसाद' को लेकर हुए विवाद के बाद एक हत्याकांड को अंजाम दिया गया है. मंदिर में 15 वर्षों से सेवा दे रहे 35 वर्षीय योगेंद्र सिंह की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. योगेंद्र सिंह यूपी के हरदोई के रहने वाले थे. इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक मुख्य आरोपी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का रहने वाला है.
यह पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. इसमें आरोपियों को योगेंद्र सिंह पर बेरहमी से हमला करते देखा जा सकता है. पुलिस के अनुसार इस मामले में मुख्य आरोपी अतुल पांडे (30) दिल्ली के दक्षिणीपुरी का निवासी है और मूल रूप से गोरखपुर का रहने वाला है. इसको मौके पर ही लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था. बाद में पुलिस ने चार और आरोपियों को भी गिरफ्तार किया. इनमें मोहन उर्फ भूरा (19), उसका चचेरा भाई कुलदीप बिधूड़ी (20), नितिन पांडे (26) और उसका पिता अनिल कुमार (55) शामिल हैं.
प्रसाद को लेकर शुरू हुआ था विवाद
यह घटना शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे की है, जब कुछ आरोपी मंदिर में दर्शन के लिए आए थे. पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पूर्व) हेमंत तिवारी ने बताया कि आरोपियों ने योगेंद्र सिंह से 'चुन्नी प्रसाद' मांगा था. इसमें एक पवित्र चुनरी और कुछ खाने की चीजें शामिल होती हैं. इसपर हरदोई के रहने वाले सेवादार योगेंद्र ने प्रसाद खत्म हो जाने की बात कहकर देने से मना कर दिया.
इस घटना के बाद दिल्ली की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि भाजपा के चार इंजनों ने दिल्ली को इस हाल में पहुंचा दिया है कि अब मंदिरों में भी ऐसी घटनाएं देखने को मिल रही हैं.