रेडियो इन प्रिजन: कैदियों की कहानी को भी खूबसूरत बनाने की एक मुकम्मल कोशिश है वर्तिका नंदा की ये किताब
'रेडियो इन प्रिजन' भारत की पहली किताब है जो जेल रेडियो के विकास और उसके सुधारात्मक प्रभाव को दर्शाती है. इसे दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में लॉन्च किया गया.
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Book Launch: Radio in Prison
भारत की जेलों में बदलाव की बयार बह रही है. इस परिवर्तन का श्रेय जेल रेडियो को दिया जा सकता है. जेलों में बंदियों की जिंदगी में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली पहल 'तिनका जेल रेडियो' अब एक ऐतिहासिक किताब का हिस्सा बन गई है. 'रेडियो इन प्रिजन' नामक यह किताब भारतीय जेलों में रेडियो की शुरुआत, उसके विकास और उसके भविष्य को विस्तार से प्रस्तुत करती है. इस पुस्तक का दिल्ली स्थित भारत मंडपम में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले के दौरान विमोचन किया गया.
