Opinion: गंगा एक्सप्रेसवे सड़क नहीं बल्कि यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का रोडमैप... मेरठ से प्रयागराज तक कैसे बदलेगी 12 जिलों की तकदीर?
गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का रोडमैप है. जानिए कैसे यह 594 किमी लंबा एक्सप्रेसवे आस्था, उद्योग और विकास का नया त्रिवेणी संगम बनेगा.
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भारत की सभ्यता का इतिहास गंगा के किनारे पुष्पित और पल्लवित हुआ है. जहां-जहां यह पवित्र नदी पहुँची वहां-वहां जीवन पल्लवित हुआ, संस्कृति फली-फूली और सत्ता और समृद्धि के केंद्र बने. सदियों बाद, उसी गंगा माँ के समानांतर अब एक नई गाथा लिखी जा रही है, कंक्रीट और इस्पात की, विकास और संभावनाओं की. उत्तर प्रदेश का गंगा एक्सप्रेसवे अब केवल एक सड़क नहीं रहा, यह एक सपने की मूर्त अभिव्यक्ति है. उस सपने की, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देखा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ज़मीन पर उतारा. मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह 594 किलोमीटर लंबा राजमार्ग महज़ दूरियां कम नहीं करेगा, यह उन करोड़ों जिंदगियों के भाग्य को भी बदलेगा जो इसके दोनों किनारों पर बसी हुई हैं. यह एक्सप्रेसवे योगी सरकार के उस महत्वाकांक्षी रोडमैप की धुरी है जो उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लेकर चलता है.