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X पर एक शख्स ने भानवी कुमारी को कहा भला-बुरा! फिर राजा भैया की बेटी राघवी बोलीं- 'अगले महीने भदरी आ रही, बाबा के सामने बोलना' 

Raja Bhaiya News: राजा भैया की पार्टी के कथित समर्थक कुंवर आशुतोष सिंह और राघवी कुमारी के बीच सोशल मीडिया पर महासंग्राम छिड़ गया है. भानवी कुमारी पर टिप्पणी को लेकर राघवी ने दिया करारा जवाब दिया है.

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Photo: Raghavi Kumari and Raja Bhaiya
Photo: Raghavi Kumari and Raja Bhaiya
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Raja Bhaiya News: उत्तर प्रदेश की सियासत में 'राजा भैया' और उनकी पत्नी भानवी कुमारी सिंह के बीच चल रहा पारिवारिक और कानूनी विवाद अब एक नए और बेहद कड़े मोड़ पर पहुंच गया है. राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से कथित तौर पर जुड़े कुंवर आशुतोष सिंह नामक शख्स द्वारा भानवी कुमारी को लेकर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद राजा भैया की बेटी राघवी कुमारी अपनी मां के पक्ष में ढाल बनकर खड़ी हो गई हैं. राघवी कुमारी ने अपने पिता की पार्टी के कार्यकर्ताओं की विचारधारा और उनके आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

'हमारे राजा की अर्धांगिनी थीं, अब...'

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब कुंवर आशुतोष सिंह नामक शख्स ने X पर एक विवादित पोस्ट लिखा. उन्होंने परोक्ष रूप से भानवी कुमारी की तरफ इशारा करते हुए सीधे तौर पर लिखा, "जानकारी दुरुस्त कर लें- हमारे राजा की अर्धांगिनी थीं, अब उनकी छोड़ी हुई स्त्री हैं. वैसे जानकारी के लिए बता रहा हूं, लक्ष्मण जी ने सुर्पणखा के नाक काम काटे थे."

बेटी राघवी कुमारी का मां के पक्ष में जोरदार पलटवार

राघवी कुमारी ने तुरंत कुंवर आशुतोष सिंह को आड़े हाथों लेते हुए एक बेहद लंबा और तीखा पोस्ट साझा किया. राघवी ने लिखा, "कोई भी साधारण राजनीतिक कार्यकर्ता अपने ही नेता की अर्धांगिनी और उनके चार बच्चों की मां, एक महिला के लिए इतनी चरित्रहीन और घृणित विचारधारा वाली भाषा का प्रयोग जब करते हैं तो कार्यकर्ताओं का यह आचरण ऊपर से स्वीकृत होता है और ऐसे आचरण को प्रोत्साहन दिया जाता है. संविधान जीवित है इसलिए हमारी मां को कोई छोड़ी हुई स्त्री नहीं बना सकता. संविधान ने इस देश के अंतिम व्यक्ति को भी यह विश्वास दिया कि उसकी गरिमा किसी सत्ता, किसी पद और किसी राजनीतिक व्यवहार से छोटी नहीं है. सम्मान और न्याय सभी का समान अधिकार है और यही भारत की असली ताकत है."

'छोड़ी हुई नहीं, परित्यक्त पत्नी हैं'

राघवी कुमारी के इस करारे जवाब के बाद भी कुंवर आशुतोष सिंह के तेवर ठंडे नहीं पड़े. उन्होंने एक और लंबा पोस्ट लिखकर राघवी कुमारी पर तंज कसा और अपनी बात को और कड़े शब्दों में दोहराया. उन्होंने लिखा, "क्षमा... छोड़ी हुई नहीं, माननीय राजा @Raghuraj_Bhadri की परित्यक्त पत्नी हैं @BhanviKumari. वैसे माननीय जी ने तो छोड़ दिया है, और ये पक्का है कि वे अपनी बात से कभी फिरते नहीं. अब चाहे ये बात ‘घृणित’ लगे या ‘वंदनीय’ सच तो ये ही है. जितना जल्दी स्वीकार कर लो उतना अच्छा. चाहे 4 बच्चे हों या 6 क्या तलाक़ के मामलों में मीडिएशन फेल होने के बाद न्यायालय किसी को किसी के साथ रहने के लिए मजबूर कर सकता है? और आजकल जो नौसिखिया वकील लगाए हैं आपने मामलों में जिन्हें वकालतनाना तक भरना नहीं आता है, उनसे ज़्यादा आशा आपको रखनी नहीं चाहिए. वैसे सोचा क्या है तुम लोगों ने कि झूठी एफआईआर, झूठे केस, धोखाधड़ी, गबन, प्रेस कांफ्रेंस, पीठ पर छुरा भोंकने, ट्वीटबाजी करने के बाद माननीय जी वापस अपना लेंगे?"

'अगले महीने भदरी आ रही हूं...' राघवी कुमारी ने दे डाली खुली चुनौती

कुंवर आशुतोष सिंह द्वारा दोबारा किए गए इस वार के बाद राजा भैया की बेटी राघवी कुमारी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. राघवी कुमारी ने अवधी भाषा का पुट देते हुए कुंवर आशुतोष सिंह को आड़े हाथों लिया.

राघवी कुमारी ने कहा, "तुम क्षमा (माफी) के पात्र नहीं हो... और इन तस्वीरों में दिख रहा है कि राजा और प्रजा की मिल-बांटकर खाने की आदत है और ऐसी औरत के बारे में तुम हमारी अम्मा (मां) को 'राजा की छोड़ी हुई स्त्री हैं' बोलने के पहले सोचा करो. हमारी अम्मा 20 साल की उम्र में ब्याह (शादी) करके आईं और 5 बच्चों की मां हैं. खैर रही बात धोखाधड़ी और फॉर्जरी (जालसाजी) की, तो हाई कोर्ट और एमपी-एमएलए कोर्ट के आगे तुम्हारा भी वकील खड़ा था, तब भी कोर्ट ने निर्देश देकर एफआईआर (FIR) कराई. तब भी तुम आज संविधान पर उंगली उठा रहे हो... लेकिन हमारी अम्मा को राजा या कोई भी 'छोड़ी हुई स्त्री' कभी नहीं बना पाएगा, न संविधान बनाने देगा और न ही हम बनने देंगे. आगे हमारी अम्मा पर नीच टिप्पणी करनी है, तो हम अगले महीने भदरी आ रहे हैं, हमारे बाबा के सामने आना और यह सब बोलना..."

सियासी गलियारों में मचा हड़कंप 

राजा भैया के परिवार के भीतर और बाहर चल रही इस जुबानी जंग ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक बड़ा भूचाल ला दिया है. अब देखना यह है कि इस मामले पर खुद राजा भैया क्या रुख अपनाते हैं?