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तलाक के लिए ये पति देगा 3 करोड़ रुपये और नोएडा वाला फ्लैट, जानिए क्यों हुआ इतना महंगा डाइवोर्स

आनंद राज

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UP News: 30 साल बाद आखिरकार विपिन कुमार जायसवाल और मनीषा अग्रवाल का रिश्ता हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो गया. 6 दिसंबर 1994 में विपिन कुमार जायसवाल और मनीषा अग्रवाल की शादी काफी धूम-धाम से हुई थी. तब शायद ही किसी को अंदाजा होगा कि शादी के 30 साल बाद इस रिश्ते का ऐसा अंत होगा, जो चर्चाओं में आ जाएगा.

दरअसल इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब विपिन जायसवाल अपनी पत्नी मनीषा को तलाक के लिए 3 करोड़ रुपये भी देंगे और नोएडा में स्थित एक फ्लैट भी उन्हें देना पड़ेगा. साल 2007 से दोनों के रिश्ते में दरार आनी शुरू हो गई थी और फिर इस केस में घरेलू हिंसा का नाम भी आया और आखिर में बात तलाक तक पहुंच गई.

पत्नी के नाम साल 1999 में खरीदा था फ्लैट

बता दें कि साल 1999 में कंपनी के मालिक विपिन ने अपनी पत्नी मनीषा के नाम पर नोएडा में एक फ्लैट खरीदा था. मनीषा के पिता की मौत के बाद वह अपने बच्चों को लेकर अपनी मां के पास रहने लगी थीं. दोनों के बीच रिश्ता तब तक ठीक चला. मगर साल 2007 में दोनों के बीच विवाद होना शुरू हो गया.

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बात लड़ाई-झगड़े और मार-पीट तक पहुंच गई. साल 2007 में ही मनीषा ने अपने पति विपिन को नोएडा वाले फ्लैट से बाहर भी निकाल दिया. घरेलू हिंसा समेत कई मामले इस केस में दर्ज किए गए. आखिर में तलाक तक बात आ पहुंची. मगर पारिवारिक न्यायालय ने पत्नी के अलग रहने के आधार पर तलाक देने से इंकार कर दिया और तलाक का मामला खारिज कर दिया. इसके बाद ये मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचा. आपको ये भी बता दें कि दोनों के 2 बच्चे भी हैं.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया तलाक

बता दें कि अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और  न्यायमूर्ति विकास कुमार की खंडपीठ ने विपिन कुमार जायसवाल की प्रथम अपील को स्वीकार करते हुए तलाक दे दिया है. इसी के साथ कोर्ट के आदेश पर विपिन, मनीषा को 3 करोड़ रुपये और नोएडा का फ्लैट भी देंगे. ये पूरी रकम उन्हें 6 हफ्तों के अंदर देनी होगी. शादी के 30 सालों बाद अब जाकर दोनों के रास्ते हमेशा के लिए अलग-अलग हो गए हैं.

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