लेटेस्ट न्यूज़

शनि देव के अस्त होते ही इन 3 राशियों को साढ़ेसाती में मिलेगी राहत, 40 दिनों तक बरसेगी विशेष कृपा!

13 मार्च 2026 को शनि देव मीन राशि में अस्त होने जा रहे हैं. 40 दिनों की इस अवधि में शनि का प्रभाव कम होने से 3 राशि के जातकों को साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से बड़ी राहत मिल सकती है. आर्थिक उन्नति, रुके हुए कार्यों में सफलता और करियर में प्रमोशन के योग बन रहे हैं.

ADVERTISEMENT

social share
google news
1

1/7

ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्याय का देवता और कर्मफल दाता माना जाता है. शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं जो एक राशि में करीब ढाई साल तक रहते हैं. वर्तमान में शनि मीन राशि में विराजमान हैं जहां वे 2 जून 2027 तक रहने वाले हैं.
 

2

2/7

द्रिक पंचांग के अनुसार, 13 मार्च 2026 की शाम 7:13 बजे शनि मीन राशि में अस्त हो जाएंगे. जब कोई ग्रह सूर्य के करीब आता है तो वह अस्त हो जाता है. शनि लगभग 40 दिनों तक इसी अवस्था में रहेंगे.
 

3

3/7

अस्त रहने के बाद 22 अप्रैल 2026 की सुबह 4:49 बजे शनि देव दोबारा उदित होंगे. ज्योतिषीय मान्यता है कि जब शनि अस्त होते हैं तो उनकी क्रूरता और कठोर प्रभाव में कमी आती है जिससे कई राशियों को मानसिक और आर्थिक राहत मिलती है.
 

4

4/7

मेष राशि के 12वें भाव में शनि अस्त होंगे. यहां साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है. शनि के अस्त होने से आपके फिजूलखर्चों पर लगाम लगेगी और स्वास्थ्य में सुधार होगा. विदेश से जुड़े अटके हुए काम अब गति पकड़ सकते हैं.
 

5

5/7

आपके 5वें भाव में शनि का अस्त होना आत्मविश्वास में वृद्धि लाएगा. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन और व्यापारियों को नई बड़ी डील मिल सकती है.हालांकि, संतान की सेहत और शिक्षा को लेकर आपको थोड़ा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है.
 

6

6/7

साढ़ेसाती के अंतिम चरण से गुजर रही कुंभ राशि के दूसरे भाव में शनि अस्त होंगे. इस दौरान आमदनी के नए स्रोत खुलेंगे और संपत्ति से जुड़े विवाद सुलझ सकते हैं. बस अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें ताकि रिश्तों में कड़वाहट न आए.
 

7

7/7

शनि के अस्त होने के दौरान मेष, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों को मेहनत का फल तो मिलेगा.लेकिन कार्यस्थल पर राजनीति से बचना चाहिए.शनि देव की कृपा के लिए शनिवार को दीप दान करना और असहायों की मदद करना शुभ रहेगा.
 

follow whatsapp