आगरा की फतेहाबाद विधानसभा सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तैयारियां शुरू हो गई हैं. यह सीट राजनीतिक और जातीय समीकरणों के लिहाज से अहम मानी जाती है. छोटे लाल वर्मा के निधन के बाद भाजपा को नए उम्मीदवार की तलाश है. वहीं समाजवादी पार्टी भी बूथ स्तर पर अपनी तैयारियों में जुटी है. फिलहाल मतदाता सूची में सुधार और नए वोटरों को जोड़ने का काम किया जा रहा है. इस सीट पर ठाकुर, ब्राह्मण, मल्लाह, जाटव और मुस्लिम समेत कई जातियों के मतदाता हैं.
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फतेहाबाद में जातीय समीकरण चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. निषाद मतदाता पिछले कई चुनावों में निर्णायक रहे हैं. वहीं, यूजीसी का मुद्दा सवर्ण वर्ग और युवा मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है. समाजवादी पार्टी बूथ स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने और वोट बढ़ाने में जुटी है. इसके अलावा खेती-किसानी और किसानों की समस्याएं भी चुनावी मुद्दों में शामिल हैं. आलू उत्पादन के लिए प्रसिद्ध फतेहाबाद में किसानों को उचित मूल्य नहीं मिलने के साथ महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे भी मतदाताओं की चिंता में हैं.
छोटे लाल वर्मा के निधन के बाद भाजपा में टिकट के दावेदारों की संख्या बढ़ गई है. मंजू भदौरिया, नितिन वर्मा और जितिन वर्मा समेत कई नाम चर्चा में हैं. दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी भी जमीन पर अपनी तैयारी मजबूत कर रही है. 2027 के चुनाव में जातीय समीकरण, किसान समस्याएं और स्थानीय मुद्दे मतदाताओं के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं.
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