शादी के मंडप में पंडितों द्वारा पढ़े जाने वाले मंत्रों को लेकर समाजवादी पार्टी के एक नेता का विवादित बयान सामने आया है, जिसके बाद से यूपी की सियासत गरमा गई है. मिर्जापुर में सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष शिव शंकर सिंह यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वह शादी-विवाह की परंपराओं और तेरहवीं जैसे संस्कारों पर सवाल उठाते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो में वह साफ तौर पर कहते हुए सुने जा सकते हैं कि शादी में बोले जाने वाले श्लोक और मंत्र एक तरह से 'गाली' होते हैं, जो आम लोगों को समझ नहीं आते हैं. ब्राह्मण समाज और धार्मिक परंपराओं को लेकर दिए गए इस बयान के बाद विवाद बढ़ता जा रहा है, हालांकि नेताजी ने अब इस पूरे मामले पर अपनी सफाई भी पेश कर दी है.
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मंत्रों को लेकर दिया विवादित बयान
वायरल वीडियो में शिव शंकर सिंह यादव शादी विवाह के दौरान पंडितों द्वारा मंत्र पढ़ने के तरीके पर सवाल खड़े कर रहे हैं. वीडियो में वह कह रहे हैं, "शादी में जितना भी श्लोक बोला जाता है, वह एक तरह से गाली है, एकदम गाली है. इसको कोई जानता नहीं है. पंडित जी आधा मंत्र कहते हैं, वह मंत्र आपको सुनाई भी नहीं देगा. बस 'गिड़बिड़ गिड़बिड़' कहकर कहते हैं कि यहां 101 रुपये रख दो. ये सब परंपरा गलत है." इसी वीडियो में वह 13वीं की परंपरा पर भी टिप्पणी करते दिखाई देते हैं, जिसके बाद से ब्राह्मण समाज और धार्मिक मामलों से जुड़े लोग इस बयान का कड़ा विरोध कर रहे हैं.
सपा नेता ने वीडियो को बताया फेक
विवाद बढ़ने के बाद शिव शंकर सिंह यादव ने अपनी सफाई पेश की है. उन्होंने पहले तो इस वीडियो को ही 'फेक' और अपनी छवि खराब करने की साजिश करार दिया, और फिर थोड़ी ही देर बाद यह भी कह दिया कि यह वीडियो बहुत पुराना है, जिसका उन्हें खुद भी याद नहीं कि यह कब का है. अपनी सफाई में उन्होंने कहा, "मैं इस तरह का कहीं बोला ही नहीं... ये गंदे लोग हैं. मैं कभी ब्राह्मण विरोधी था ही नहीं, मेरे खून में कभी ब्राह्मण का विरोध नहीं रहा. मैंने आज तक कभी ब्राह्मण के खिलाफ कुछ नहीं बोला है और ना कभी बोलूंगा."
सफाई में गिनाए ब्राह्मण नेताओं के नाम
शिव शंकर सिंह यादव ने खुद को ब्राह्मणों का हितैषी बताने के लिए अपने राजनीतिक करियर का भी हवाला दिया. उन्होंने बताया कि छात्र राजनीति के दौरान उनके नेता राजगढ़ के विधायक स्वर्गीय नरेंद्र पांडे थे. इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी के दिग्गज ब्राह्मण नेता जनेश्वर मिश्रा का जिक्र करते हुए कहा, "जनेश्वर मिश्रा जी से बड़ा हमारे दल में कोई ब्राह्मण नेता नहीं हुआ, मैं उनको बहुत मानता था." उन्होंने मिर्जापुर के सतीश मिश्रा और राजू चौबे जैसे ब्राह्मणों के लिए अधिकारियों से अपने पुराने झगड़ों का भी जिक्र किया, और कहा कि ब्राह्मणों की बात आने पर उन्होंने हमेशा खुलकर उनका साथ दिया है.
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