उत्तर प्रदेश में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव पर्यवेक्षक की नियुक्ति पर भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयोग को लेटर लिखकर IAS अधिकारी अभय सिंह को तत्काल पद से हटाने और उनकी नियुक्ति की निष्पक्षता की जांच कराने की मांग की है.
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देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने पत्र में अभय सिंह के खिलाफ वर्ष 2019 में दर्ज CBI मामले का जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े तथ्यों और जांच की मौजूदा स्थिति को गंभीरता से देखा जाना चाहिए.
2019 के CBI मामले का किया जिक्र
एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश में अवैध खनन के मामले में IAS अभय सिंह के खिलाफ CBI ने एफआईआर दर्ज की थी. उन्होंने दावा किया कि उस मामले में उनके आवास पर छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी.
देवेंद्र प्रताप सिंह ने आयोग से मांग की है कि इस मामले में हुई CBI जांच की वर्तमान स्थिति और उससे जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाए. सवाल उठाया कि वर्ष 2019 के बाद अभय सिंह की पदस्थापना और सेवा से जुड़ी परिस्थितियां क्या रही हैं और उन्हें संवेदनशील शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त करने का आधार क्या है.
निष्पक्ष चुनाव को लेकर उठाए सवाल
भाजपा एमएलसी ने पत्र में कहा कि चुनाव पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है... इसलिए इस नियुक्ति से जुड़े किसी भी संभावित हितों के टकराव, अनुचित प्रभाव या चुनाव में गड़बड़ी की आशंका को गंभीरता से लिया जाना चाहिए.
देवेंद्र प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि अभय सिंह की नियुक्ति मतगणना में धांधली की मंशा से की गई है. उन्होंने कहा कि चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अभय सिंह को तत्काल पर्यवेक्षक के पद से हटाया जाना चाहिए. उन्होंने आयोग से उनकी जगह किसी निष्पक्ष और ईमानदार अधिकारी को नियुक्त करने की मांग की है.
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