स्वामी प्रसाद मौर्य को गठबंधन में नहीं आने देंगे अखिलेश यादव? सपा प्रमुख ने साफ-साफ बता दिया

कुमार अभिषेक

• 11:21 AM • 31 Oct 2026

जानिए यूपी तक के खास शो 'आज का यूपी' की तीन बड़ी खबरें: अखिलेश यादव का स्वामी प्रसाद मौर्य को गठबंधन से इनकार, कांग्रेस से सीटों की उम्मीदें, और बीजेपी कार्यक्रम में संघमित्रा मौर्य की सक्रियता.

Swami Prasad Maurya and Akhilesh Yadav

Swami Prasad Maurya and Akhilesh Yadav

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यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' में आज राज्य की सियासत में 'मौर्य परिवार' के इर्द-गिर्द घूमती तीन बड़ी और दिलचस्प राजनीतिक खबरों का विश्लेषणात्मक ब्योरा प्रस्तुत किया गया है. उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनावों से पहले 'इंडिया' गठबंधन में एंट्री को लेकर रस्साकशी जारी है जहां समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य के लिए गठबंधन के दरवाजे पूरी तरह बंद कर दिए हैं. इसके बावजूद स्वामी प्रसाद मौर्य कांग्रेस के जरिए अपनी जमीन तलाशने में जुटे हैं. दूसरी तरफ इसी परिवार से ताल्लुक रखने वाली पूर्व सांसद संघमित्रा मौर्य ने लखनऊ में बीजेपी की राज्य कार्य समिति की बैठक में शिरकत कर 2027 में तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनने का दावा ठोक दिया है. एक ही छत के नीचे रह रहे परिवार की अलग-अलग राजनीतिक राहों और सपा के कड़े तेवरों के बीच जानिए यूपी की आज की तीन प्रमुख खबरें.

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स्वामी प्रसाद मौर्य के लिए 'इंडिया' गठबंधन के दरवाजे बंद, अखिलेश यादव ने साफ किया रुख

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि स्वामी प्रसाद मौर्य के लिए उनके गठबंधन में कोई स्थान नहीं है. जब पत्रकारों ने उनसे स्वामी प्रसाद मौर्य के गठबंधन में शामिल होने को लेकर सवाल किया तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वह इस गठबंधन की सीट गणना में शामिल नहीं हो सकते और ऐसी बातों पर अनावश्यक बहस से बचना चाहिए. धार्मिक टिप्पणियों और बयानों के चलते सपा से दूर हुए स्वामी प्रसाद मौर्य के लिए अखिलेश यादव के इस कड़े रुख ने उनकी राजनीतिक मुश्किलों को और बढ़ा दिया है.

कांग्रेस से गठबंधन की उम्मीदें और स्वामी प्रसाद मौर्य के सामने असमंजस

एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी ने स्वामी प्रसाद मौर्य के लिए अपने दरवाजे पूरी तरह बंद कर दिए हैं. वहीं दूसरी तरफ वह कांग्रेस पार्टी के संपर्क में बने हुए हैं. कुछ हफ्ते पहले उन्होंने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात कर अपनी पार्टी (राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी) के लिए 12 से 14 सीटों की मांग की थी. हालांकि यह देखना दिलचस्प होगा कि सपा प्रमुख के कड़े विरोध के बाद क्या कांग्रेस पार्टी उन्हें या उनके बेटे को अपने कोटे से सीटें देने का जोखिम उठाएगी या नहीं, क्योंकि उत्तर प्रदेश में 'इंडिया' गठबंधन का मुख्य चेहरा समाजवादी पार्टी ही है.

बीजेपी में पूरी तरह सक्रिय नजर आईं संघमित्रा मौर्य

पिता स्वामी प्रसाद मौर्य के बगावती तेवर और अलग राजनीतिक सफर के बावजूद उनकी बेटी और पूर्व सांसद संघमित्रा मौर्य भारतीय जनता पार्टी में पूरी तरह सक्रिय बनी हुई हैं.लखनऊ में आयोजित बीजेपी की राज्य कार्य समिति की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी के दौरान संघमित्रा मौर्य ने पूरी ऊर्जा के साथ हिस्सा लिया. उन्होंने दावा किया कि तमाम विरोध के बावजूद उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भारी बहुमत से बीजेपी की सरकार बनने जा रही है. 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट न मिलने के बाद भी पार्टी के प्रति उनकी निरंतर वफादारी चर्चा का विषय बनी हुई है.
 

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