वाराणसी घूमने जाएं तो जरूर करें संकट मोचन के दर्शन, यहां साक्षात हनुमान जी ने दिए थे तुलसीदास को दर्शन

यूपी तक

• 01:33 PM • 26 May 2026

Sankat Mochan Darshan Varanasi: वाराणसी का प्रसिद्ध संकट मोचन हनुमान मंदिर श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र माना जाता है. मान्यता है कि इसी स्थान पर हनुमान जी ने गोस्वामी तुलसीदास को दर्शन दिए थे. यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन, आरती और सुंदरकांड पाठ के लिए पहुंचते हैं.

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संकट मोचन हनुमान मंदिर वाराणसी के सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन धार्मिक स्थलों में गिना जाता है. यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है. संकट मोचन का अर्थ है- संकटों को दूर करने वाला. यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं.
 

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मंदिर की स्थापना 16वीं शताब्दी में महान संत एवं रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी ने की थी. मान्यता है कि जब तुलसीदास जी काशी में रहकर रामचरितमानस की रचना कर रहे थे, तब उनकी इच्छा श्रीराम के दर्शन की थी. इसी जगह पर हनुमानजी ने तुलसीदासजी को दर्शन दिए थे और उनकी प्रार्थना पर यहीं स्थापित हो गए थे. 
 

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यह मंदिर वाराणसी के लंका क्षेत्र में स्थित है और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय  के निकट होने के कारण यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है.
 

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मंदिर में स्थापित भगवान हनुमान की प्रतिमा भक्तों के लिए आस्था और शक्ति का प्रतीक मानी जाती है. ऐसी मान्यता है कि यहां पूजा करने से मानसिक शांति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है.

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संकट मोचन मंदिर में भक्त विशेष रूप से हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करते हैं. यहां प्रसाद के रूप में बेसन के लड्डू बहुत प्रसिद्ध हैं.

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मंदिर का वार्षिक “संकट मोचन संगीत समारोह” भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की प्रतिष्ठित परंपराओं में शामिल है. इस आयोजन में देश के प्रसिद्ध कलाकार भगवान हनुमान को समर्पित प्रस्तुतियां देते हैं. संकट मोचन मंदिर वाराणसी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है. यहां आने वाले श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर, दुर्गा मंदिर और अस्सी घाट जैसे अन्य प्रमुख स्थलों का भी भ्रमण करते हैं.

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मंदिर में प्रतिदिन सुबह और शाम भव्य आरती होती है. मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष भीड़ उमड़ती है.
 

( यह खबर यूपी Tak के साथ इंटर्नशिप कर रहे आशुतोष पाण्डेय ने संपादित की है.)

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